Sawan 2022: जल्द ही सावन का पवित्र महीना आरंभ होने जा रहा है। सावन का महीना भोलेनाथ का प्रिय महीना होता है। भगवान शिव के पूजन में बेलपत्र का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर एक लोटा जल और बेलपत्र अर्पित करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरी करते हैं। मान्यता है कि शिव की उपासना बिना बेलपत्र के बिना पूर्ण नहीं होती। बेल वृक्ष की उत्पत्ति के संबंध में 'स्कंदपुराण'में एक कथा है कि एक बार देवी पार्वती ने अपने ललाट से पसीना पौंछकर फेंका, जिसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर गिरीं, जिससे बेल वृक्ष की उत्पत्ति हुई। इस वृक्ष की जड़ों में गिरिजा,तना में महेश्वरी, शाखाओं में दक्षयायनी,पत्तियों में पार्वती और फूलों में गौरी का वास माना गया है।
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Sawan 2022 : जानिए शिवजी को बेलपत्र चढ़ाने के नियम, इसका महत्व और बेलपत्र से जुड़े उपाय
Tue, 21 Jun 2022 12:11 AM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 21 Jun 2022 12:11 AM IST
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बेलपत्र को हमेशा अनामिका,अंगूठे और मध्यमा अंगुली की मदद से चढ़ाएं एवं मध्य वाली पत्ती को पकड़कर शिवजी को अर्पित करें।
- फोटो : Social media
सावन सोमवार पूजा विधि
कैसे अर्पित करें बेलपत्र-
- भगवान शिव को हमेशा उल्टा बेलपत्र यानी चिकनी सतह की तरफ वाला वाला भाग स्पर्श कराते हुए ही बेलपत्र चढ़ाएं।
- बेलपत्र को हमेशा अनामिका,अंगूठे और मध्यमा अंगुली की मदद से चढ़ाएं एवं मध्य वाली पत्ती को पकड़कर शिवजी को अर्पित करें।
- शिव जी को कभी भी सिर्फ बिल्वपत्र अर्पण नहीं करें,बेलपत्र के साथ जल की धारा जरूर चढ़ाएं।
sawan
- फोटो : अमर उजाला
- बेलपत्र की तीन पत्तियां ही भगवान शिव को चढ़ती है। कटी-फटी पत्तियां कभी न चढ़ाएं।
- कुछ तिथियों को बेलपत्र तोड़ना वर्जित होता है। जैसे कि चतुर्थी,अष्टमी,नवमी,चतुर्दशी और अमावस्या को,संक्रांति के समय और सोमवार को बेल पत्र नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसे में पूजा से एक दिन पूर्व ही बेल पत्र तोड़कर रख लिया जाता है।
- बेलपत्र कभी अशुद्ध नहीं होता। पहले से चढ़ाया हुआ बेलपत्र भी फिर से धोकर चढ़ाया जा सकता है।
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Shiva aur Nandi
- फोटो : istock
बेलपत्र का महत्व
- बेलपत्र की तीन पत्तियों वाला गुच्छा भगवान शिव को चढ़ाया जाता है और माना जाता है कि इसके मूलभाग में सभी तीर्थों का वास होता है।
- मान्यता है कि जिस घर में बेल का वृक्ष होता है वहां धन-धान्य की कभी कोई कमी नहीं होती।
- जो भक्त भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं और भोलेनाथ उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं।
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lord shiva
बेलपत्र के उपाय
- कई बार ना चाहते हुए भी विवाह योग्य लड़के-लड़कियों की शादी में देरी होने लगती है तो इस समस्या के निवारण के लिए 108 बेलपत्र लें और हर बेलपत्र पर चन्दन से 'राम'नाम लिखें। 'ॐ नमः शिवाय'कहते हुए बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाते जाएं और सारे पत्र चढ़ाने के बाद शिव-पार्वती से शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें।
- शिवजी का प्रिय बेलपत्र गंभीर बीमारियों से भी आपको छुटकारा दिला सकता है। अगर आप लंबे समय से किसी बीमारी से परेशान हैं तो 108 बेलपत्र लें और एक पात्र में चन्दन का इत्र लेकर एक-एक बेलपत्र पर इत्र लगाएं और शिवलिंग पर 'ॐ हौं जूं सः'मंत्र का जाप करते हुए चढ़ाते जाएं।पूजा के बाद भगवान से शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करें।