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sakat chauth 2021: संतान की लंबी आयु के लिए माताएं करती हैं यह व्रत, जानें तिथि महत्व और पूजा विधि

Fri, 29 Jan 2021 11:58 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Fri, 29 Jan 2021 11:58 AM IST
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Sakat chauth 2021 know the date significance and vrat puja vidhi
सकट चौथ, गणेश जी को प्रसन्न करने का दिन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

माघ माह की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का व्रत रखा जाता है। इस बार सकट चौथ का व्रत 31 जनवरी को किया जाएगा। इस दिन तिलकूट बनाया जाता है। सकट चौथ को कई जगहों पर संकष्टी चतुर्थी, वक्रतुंडी चतुर्थी, और तिलकूटा पर्व के नाम से भी जाना जाता है। सकट चौथ के दिन पार्वती पुत्र भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है। इस व्रत की कथा भी भगवान गणेश से जुड़ी हुई है। इसके साथ ही लोग सूर्य और चंद्रमा की पूजा भी करते हैं और अर्घ्य देते हैं। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए करती हैं। तो चलिए जानते हैं सकट चौथ का महत्व, मुहूर्त और पूजा विधि...

Sakat chauth 2021 know the date significance and vrat puja vidhi
संकट चौथ 2021 महत्व
सकट चौथ का महत्व

सकट चौथ का व्रत माताएं अपनी संतान के सुखी, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना के साथ करती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ पर भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से गणेश जी सारे संकटो को दूर करते हैं और संतान को लंबी आयु एंव खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। इस दिन घर में तिल और गुड़ की चीजें बनाई जाती हैं। भगवान को तिलकूट और मौसमी चीजें जैसे गाजर और शकरकंद चढ़ाई जाती हैं।

Sakat chauth 2021 know the date significance and vrat puja vidhi
सकट चौथ 2021 तिथि
सकट चौथ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि आरंभ समय: 31 जनवरी 2021 की रात 08 बजकर 24 मिनट से 

चतुर्ती तिथि समाप्ति समय: 1 फरवरी 2021 को शाम 06 बजकर 24 मिनट पर

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Sakat chauth 2021 know the date significance and vrat puja vidhi
संकट चौथ पूजा विधि
सकट चौथ पूजा विधि
  • सकट चौथ वाले दिन सुबह स्नानादि करने के पश्चात भगवान गणेश को पीले वस्त्र पहनाएं और स्थापित करें।
  • गणेश भगवान का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। 
  • गणेश जी को सिंदूर, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप और जल आदि अर्पित करें।
  • गणेश पूजन के बाद रात में चंद्रयोदय होने के बाद दूध में शहद, चंदन, रोली मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • प्रसाद में चढ़ाए गए लड्डू ग्रहण करके व्रत का पारण करें।


इसके अलावा लोग सकट चौथ पर दिन के समय सूर्य पूजा भी करते हैं। घरों में तिलकूट (तिल और गुड़ से बनाए गए लड्डू) बनाते हैं। तिल और गुड़ से बकरे की आकृति बनाई जाती हैं और उसे घर के ही किसी बच्चे के द्वारा कटवा दिया जाता है। इस दिन मौसमी चीजें जैसे गाजर और शकरकंदी को उबाल कर प्रसाद के रूप में खाया जाता है। गोबर के उपले की आग जलाकर उसपर घी, लौंग और कर्पूर से पूजा की जाती है।

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