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तुलसी पूजन से जुड़े इन नियमों को आपको जरूर जानना चाहिए

Fri, 17 Jul 2020 05:10 AM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Fri, 17 Jul 2020 05:10 AM IST
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Rules for breaking basil leaves and worshiping
तुलसी - फोटो : Social media

हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में तुलसी के पौधे को पवित्र, पूजनीय और देवी स्वरूप बताया गया है। साथ ही तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। तुलसी भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। तुलसी के बिना भगवान विष्णु का भोग अधूरा माना जाता है। कहते हैं जिस घर में तुलसी का पौधा होता है और नियमित रुप से उसे सींचा जाए और रोज सुबह उसकी पूजा कि जाए तो मन शांत रहता है।



रोजाना प्रातः काल तुलसी के दर्शन करने से आरोग्यता मिलती है। जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से तुलसी की नियम पूर्वक पूजा करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार तुलसी पूजन और उसके पत्तों को तोड़ने के लिए नियमों का पालन करना अति आवश्यक होता है।

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तुलसी पूजन के नियम - फोटो : social media

तुलसी पूजन के नियम

कार्तिक महीने में तुलसी जी और शालीग्राम का विवाह किया जाता है। इसलिए कार्तिक माह में तुलसी की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, इस माह तुलसी की पूजा करने से सारी मनोाकामनाएं पूरी होती हैं। तुलसी का पौधा हमेशा घर के आंगन में लगाना चाहिए, लेकिन आज के समय में जगह का अभाव होने की वजह से आप इसे घर की बालकनी में भी लगा सकते हैं।

रोज सुबह स्वच्छ होकर तुलसी के पौधे में जल देना चाहिए एवं उसकी परिक्रमा करनी चाहिए। सांय काल में तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। रविवार के दिन तुलसी के पौधे में दीपक नहीं जलाना चाहिए। भगवान गणेश, मां दुर्गा और भगवान शिव को तुलसी न चढ़ाएं।

 

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तुलसी का पौधा लगाने के नियम - फोटो : Social media

तुलसी का पौधा लगाने के नियम

वैसे तो तुलसी का पौधा कभी भी लगाया जा सकता है, लेकिन गुरुवार के दिन या कार्तिक माह में तुलसी लगाना सबसे उत्तम रहता है। तुलसी ऐसी जगह पर लगाएं जहां पूरी तरह से स्वच्छता हो। तुलसी के पौधे को कांटेदार पौधो के साथ नहीं रखना चाहिए।

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तुलसी तोड़ने के नियम(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

तुलसी तोड़ने के नियम

तुलसी को तोड़ने से पहले उसे प्रणाम करें और इस मंत्र का उच्चारण करें - महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते। तुलसी को बिना आवश्यकता के न तोड़े। यह उनका अपमान होता है। तुलसी की पत्तियां तोड़ते समय स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें, तुलसी के पौधे को कभी गंदे हाथों से स्पर्श नहीं करना चाहिए। रविवार, चंद्रग्रहण और एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी को सदैव सुबह के समय तोड़ना चाहिए। अगर आपको तुलसी का उपयोग करना है तो सुबह के समय ही पत्ते तोड़ कर रख लें, क्योंकि तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं होते हैं।

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