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मीना में शैतान को पत्थर मारने की परंपरा के पीछे यह है कारण

Fri, 25 Sep 2015 11:20 AM IST
Updated Fri, 25 Sep 2015 11:20 AM IST
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मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की परंपरा के पीछे यह है कारण

rituals of mecca mosque

मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की परंपरा के दौरान मची भगदड़ में बड़ी

संख्या में लोगों की मौत हो गयी है। मीना में इससे पहले भी कई बार पत्‍थर मारने की परंपरा को न‌िभाते समय इस प्रकार की घटना हुई है।

मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की परंपरा के पीछे यह है कारण

rituals of mecca mosque

इस्लाम‌िक व‌िषयों के जानकार रामीश स‌िद्द‌ीकी ने बताया क‌ि यह परंपरा हजारों साल पहले शुरु हुई थी। ज‌िस प्रकार बकरीद में प्रतीकात्मक रुप में बकरे की कुर्बानी दी जाती है उसी तरह मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की प्रत‌ीकात्मक परंपरा है।

मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की परंपरा के पीछे यह है कारण

rituals of mecca mosque

इस परंपरा के पीछे हजरात इब्राह‌िम और उनके बेटे इस्माइल की कहानी है। हजरत इब्राह‌िम से जब अल्लाह ने उनके बेटे की कुर्बानी मांगी तो उन्होंने अपने बेटे को कुर्बान करने के फैसला क‌िया।

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मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की परंपरा के पीछे यह है कारण

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लेक‌िन शैतान उन्हें खुदा की राह से भटकाना चाहता था और कह रहा था क‌ि यह कैसा खुदा है जो तुमसे तुम्हारा बेटा मांग रहा है। ऐसे समय में हजरत इब्राह‌िम ने एक पत्‍थर उठाकर शैतान को मारकर भगा द‌िया।

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मीना में शैतान को पत्‍थर मारने की परंपरा के पीछे यह है कारण

rituals of mecca mosque

जहां पर हजरत साहब ने शैतान को पत्‍थर मारा था वहां एक स्तंभ है ज‌िसे शैतान मानकर आज भी उसी परंपरा को न‌िभाने के ल‌िए तीर्थयात्री पत्‍थर मारते हैं।

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