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रात्रि पूजा में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, होता है नुकसान

Wed, 07 Oct 2020 08:17 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 07 Oct 2020 08:17 AM IST
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remember these five things during worship in night
संध्या पूजा के नियम - फोटो : puja

हिन्दू धर्म में सुबह और शाम पूजा करने का विधान है। शास्त्रों के नियमानुसार संध्या पूजा के समय हमें कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। क्योंकि संध्या पूजा के समय जाने अनजाने में हमसे गलतियां हो जाती हैं और उन गलतियों के कारण हमें उस पूजा का पूरा लाभ नहीं मिलता है। आइए जानते हैं संध्या पूजा के समय हमें किन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। 

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मंदिर की घंटी - फोटो : Social media

शास्त्रों के अनुसार रात्रि पूजा के समय शंख नहीं बजाना चाहिए। मान्यता है कि रात के समय पूजा करने से देवी-देवताओं की निद्रा बाधित हो जाती है। दरअसल, सूर्यास्त के बाद देवी-देवता सोने चले जाते हैं और शंख की आवाज से उनकी नींद टूट जाती हैं। साथ ही शंख की ध्वनि वातावरण में मौजूद अन्य प्रकार के जीवों के विश्राम को भी बाधित करती है। ऐसे में शंख बजाने से लाभ की जगह हानि होती है। अगर रात की पूजा का पूर्ण लाभ चाहते हैं तो रात में शंख का प्रयोग न करें।

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शंख (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

शंख के समान ही रात्रि पूजा में घंटी नहीं बजाना चाहिए। घंटी की आवाज भी देवी-देवताओं की निद्रा में विघ्न डालती है। इसलिए शास्त्रों में बताया है कि सूर्यास्त के बाद घंटी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

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सूर्य देवों में आते हैं सूर्यदेवता - फोटो : सोशल मीडिया

शास्त्रों के नियमानुसार रात्रि में पंच देव की पूजा नहीं करनी चाहिए। पंचदेवों में सूर्य देव, भगवान गणेश, देवी दुर्गा, भगवान शिव और भगवान विष्णुजी आते हैं। कहते हैं सूर्यास्त के समय सूर्यादि पंचदेवता की पूजा करने से जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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तुलसी पौधा - फोटो : अमर उजाला

सूर्यास्त के बाद ना तुलसी के पत्तों को स्पर्श करना चाहिए और ना ही तोड़ना चाहिए। शास्त्रों में इस समय तुलसी को स्पर्श करना वर्जित बताया गया है क्योंकि इस समय तुलसीजी लीला करने चली जाती हैं। इस समय दीपक से तुलसी की आरती करनी चाहिए। सूर्यास्त के समय इनको पत्तों को स्पर्श करने से धन का संकट आ जाता है और नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है।

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