फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ganesh Chalisa: बुधवार के दिन करें गणेश चालीसा का पाठ, विघ्नहर्ता की कृपा से बनेंगे बिगड़े हुए काम

Wed, 13 Apr 2022 10:42 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Wed, 13 Apr 2022 10:42 AM IST
विज्ञापन
Recite Ganesh Chalisa on Wednesday for blessings of lord ganesh chalisa
बुधवार के दिन करें गणेश चालीसा का पाठ - फोटो : iStock
Ganesh Chalisa: सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य देव माना गया है। बुधवार के दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा की जाती है। ये दिन बिगड़े कामों को बनाने के लिए अच्छा माना जाता है। ऐसे में इस दिन सुबह स्नान के बाद गणेश जी की आराधना करनी चाहिए और भगवान गणेश को उनके प्रिय मोदक या लड्डू का भोग लगानी चाहिए। इसके अलावा बुधवार के दिन गणेश पूजा के दौरान श्री गणेश चालीसा का पाठ जरूर करें। इस चालीसा के पाठ से आप विघ्नहर्ता श्री गणेश को प्रसन्न कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकते हैं। श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता माने गए हैं। ऐसे में उनकी पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। आज हम लेकर आए हैं गणेश चालीसा, जिसमें गणपति बप्पा की महिमा का वर्णन किया गया है। तो चलिए शुरू करते हैं...  

श्री गणेश चालीसा

दोहा
जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

Recite Ganesh Chalisa on Wednesday for blessings of lord ganesh chalisa
बुधवार के दिन करें गणेश चालीसा का पाठ - फोटो : iStock

चौपाई

जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥

जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥

वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥
राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं। मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥
सुन्दर पीताम्बर तन साजित। चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिवसुवन षडानन भ्राता। गौरी ललन विश्व-विख्याता॥
ऋद्घि-सिद्घि तव चंवर सुधारे। मूषक वाहन सोहत द्घारे॥

Recite Ganesh Chalisa on Wednesday for blessings of lord ganesh chalisa
बुधवार के दिन करें गणेश चालीसा का पाठ - फोटो : iStock

कहौ जन्म शुभ-कथा तुम्हारी। अति शुचि पावन मंगलकारी॥
एक समय गिरिराज कुमारी। पुत्र हेतु तप कीन्हो भारी॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा। तब पहुंच्यो तुम धरि द्घिज रुपा॥
अतिथि जानि कै गौरि सुखारी। बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न है तुम वर दीन्हा। मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥
मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला। बिना गर्भ धारण, यहि काला॥

गणनायक, गुण ज्ञान निधाना। पूजित प्रथम, रुप भगवाना॥
अस कहि अन्तर्धान रुप है। पलना पर बालक स्वरुप है॥

विज्ञापन
विज्ञापन
Recite Ganesh Chalisa on Wednesday for blessings of lord ganesh chalisa
बुधवार के दिन करें गणेश चालीसा का पाठ - फोटो : istock

बनि शिशु, रुदन जबहिं तुम ठाना। लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥
सकल मगन, सुखमंगल गावहिं। नभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥

शम्भु, उमा, बहु दान लुटावहिं। सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥
लखि अति आनन्द मंगल साजा। देखन भी आये शनि राजा॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं। बालक, देखन चाहत नाहीं॥
गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो। उत्सव मोर, न शनि तुहि भायो॥

कहन लगे शनि, मन सकुचाई। का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥
नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ। शनि सों बालक देखन कहाऊ॥

विज्ञापन
Recite Ganesh Chalisa on Wednesday for blessings of lord ganesh chalisa
बुधवार के दिन करें गणेश चालीसा का पाठ - फोटो : istock

पडतहिं, शनि दृग कोण प्रकाशा। बोलक सिर उड़ि गयो अकाशा॥
गिरिजा गिरीं विकल हुए धरणी। सो दुख दशा गयो नहीं वरणी॥

हाहाकार मच्यो कैलाशा। शनि कीन्हो लखि सुत को नाशा॥
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो। काटि चक्र सो गज शिर लाये॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो। प्राण, मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे। प्रथम पूज्य बुद्घि निधि, वन दीन्हे॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा। पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥
चले षडानन, भरमि भुलाई। रचे बैठ तुम बुद्घि उपाई॥

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed