अयोध्या में कल 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन का कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। राम मंदिर के इस भूमि पूजन के कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिस्सा लेंगे। भूमि पूजन निर्धारित शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह मुहूर्त 32 सेंकेड का है जो मध्याह 12 बजकर 44 मिनट आठ सेकेंड से लेकर 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकेंड के बीच है। बताया गया कि षोडश वरदानुसार 15 वरद में ग्रह स्थितियों का संचरण शुभ और अनुकूलता प्रदान करने वाला है।
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Ram Mandir Bhoomi Pujan: जानिए सनातन संस्कृति में भूमि पूजन का महत्व और विधि
Wed, 05 Aug 2020 06:16 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Wed, 05 Aug 2020 06:16 AM IST
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राम मंदिर, अयोध्या
- फोटो : ram mandir bhoomi pujan
राम मंदिर का भूमिपूजन
- फोटो : अमर उजाला
सनातन संस्कृति में भवन, मंदिर या अन्य इमारत की नींव से पहले उस स्थान का भूमि पूजन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि किसी भी इमारत के निर्माण से पहले उस स्थान का भूमि पूजन करना आवश्यक है। ऐसा करने से उस स्थान में आने वाली सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं हिन्दू धर्म में भूमि पूजन का महत्व क्या है।
राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
हिन्दू धर्म में भूमि को माता का दर्जा दिया गया है। यह भूमि वंदनीय और पूजनीय है। जब इस मातृभूमि में किसी तरह का निर्माण कार्य शुरु किया जाता है तो सबसे पहले भूमि को पूजा जाता है। इसके पीछे का कारण ये है कि यदि भूमि पर किसी भी प्रकार का कोई दोष है, या उस भूमि के मालिक से जाने-अनजाने कोई गलती हुई है तो भूमि पूजन से धरती मां हर प्रकार के दोष पर गलतियों को माफ कर अपनी कृपा बरसाती है।
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भूमि पूजन
- फोटो : सोशल मीडिया
इस विधि से किया जाता है भूमि पूजन
- सबसे पहले जिस भूमि का पूजन करना है वहां पर साफ-सफाई की जाती है।
- मंत्रों के उच्चारण से भूमि पूजन किया जात है, इसलिए योग्य पंडित की आवश्यकता होती है।
- भूमि पूजन में ब्राह्मण उत्तर मुखी होकर पालथी मारकर बैठना चाहिए।
- वहीं जातक को पूर्व की ओर मुख कर बैठना चाहिये।
- यदि जातक विवाहित है तो अपने बांयी तरफ अपनी अर्धांगनी को बिठाना चाहिए।
- मंत्रोच्चारण से शरीर, स्थान एवं आसन की शुद्धि की जाती है।
- इसके बाद गणपति महाराज की पूजा की जाती है।
- भूमि पूजन में चांदी के नाग व कलश की पूजा की जाती है।
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राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
भूमि पूजन में उपयोग होने वाली सामग्री
भूमि पूजन के लिये गंगाजल, आम तथा पान वृक्ष के पत्ते, फूल, रोली एवं चावल, कलावा, लाल सूती कपड़ा, कपूर, देशी घी, कलश, कई तरह के फल, दुर्बा घास, नाग-नागिन जौड़ा, लौंग-इलायची, सुपारी, धूप-अगरबत्ती, सिक्के, हल्दी पाउडर आदि।
भूमि पूजन के लिये गंगाजल, आम तथा पान वृक्ष के पत्ते, फूल, रोली एवं चावल, कलावा, लाल सूती कपड़ा, कपूर, देशी घी, कलश, कई तरह के फल, दुर्बा घास, नाग-नागिन जौड़ा, लौंग-इलायची, सुपारी, धूप-अगरबत्ती, सिक्के, हल्दी पाउडर आदि।