Janmashtami 2020: जन्माष्टमी पर्व भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव है। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 12 अगस्त को पड़ रही है। इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा। भगवान कृष्ण जीवन के प्रबंधन में श्रेष्ठ स्थान रखते हैं। उनके जीवन से प्रेम के साथ-साथ जीवन के सबसे खराब दौर में कैसे अच्छा परिणाम पाएं इसका प्रबंधन भी हम सीख सकते हैं। आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से हम किन-किन चीजों को सीख सकते हैं।
Janmashtami 2020: भगवान श्रीकृष्ण के ये चार गुण बनाते हैं उन्हें योगेश्वर
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अपने जन्म से लेकर लीला समाप्ति तक, अपने पूरे अवतार के समय तक भगवान श्रीकृष्ण ने कई संघर्षों को सुलझाया और देखा भी। परिस्थिति को अपने अनुकूल बनाने की कला सिर्फ श्रीकृष्ण में ही थी। इसलिए हम आपको बताने जा रहे श्रीकृष्ण की उन बातों के बारे में जिनसे आप अपने जीवन के कठिन समयों में श्रेष्ठ फल पा सकते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण ने 64 दिन में 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। श्रीकृष्ण ने वैदिक कलाओं के साथ-साथ दूसरी कलाएं भी सीखी थीं। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे आपके व्यक्तित्व का रचनात्मक विकास हो। श्रीकृष्ण ने 64 कलाओं के साथ-साथ संगीत, नृत्य व युद्ध की भी कला सिखा था। बच्चों में केवल कोरा ज्ञान ना भरें।
एक बार पांडवों के राजसूय यज्ञ में शिशुपाल कृष्ण को अपशब्द कहता रहा। वह छोटा भाई था, लेकिन बोलते-बोलते उसने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। सभा में मौजूद सभी लोग क्रोधित थे लेकिन भगवान श्रीकृष्ण शांत थे और मुस्कुरा रहे थे। एक बार कृष्ण शांति दूत बनकर दुर्योधन के पास गए तो उसने कृष्ण का बहुत अपमान किया। कृष्ण शांत रहे। इसलिए अगर हमारा दिमाग स्थिर है और मन शांत है तभी हम कोई सही निर्णय ले पाएंगे। गुस्से में हमेशा नुकसान होता है।
भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया के कई राजाओं को हराया था। लेकिन कभी किसी राजा का सिंहासन छीना नहीं। कृष्ण के पूरे जीवन में कभी ऐसा नहीं हुआ कि उन्होंने किसी राजा का सिंहासन छीना हो बल्कि दूसरे अच्छे लोगों को वहां के सिंहासन पर बैठाया। वह कभी किंग नहीं बनें बल्कि किंगमेकर की भूमिका निभाई। भगवान श्रीकृष्ण ने पूरा युद्ध कूटनीति से लड़ा पांडवों को सलाह देते रहे, लेकिन जीतने का श्रेय भीम और अर्जुन को दिया।