Ram Darbar Pran Pratistha Date and Time: अयोध्या में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का शुभारंभ 2 जून से कलश यात्रा के साथ हो चुका है। इस धार्मिक महोत्सव के तहत 3 जून को सुबह 6:30 बजे से लेकर शाम 6:30 बजे तक विशेष पूजा और अनुष्ठान आयोजित किए गए, जो 4 जून को भी पूरे दिन चले। श्रद्धालु और पुजारी मिलकर राम दरबार की महिमा का गुणगान करते हुए इस पवित्र कार्य में संलग्न हैं, जिससे माहौल अत्यंत भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना हुआ है।
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मुख्य आयोजन आज यानी 5 जून को दोपहर 1 बजे तक पूरा हो जाएगा। इसी दिन गंगा दशहरा का पर्व भी मनाया जाएगा, जो इसे और भी खास बना देता है। सबसे महत्वपूर्ण प्राण प्रतिष्ठा अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:25 से 11:40 बजे के बीच सम्पन्न होगी, जिसे शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। यह समय धार्मिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी माना जाता है, इसलिए देश-विदेश से आए भक्त इस अवसर का हिस्सा बनने के लिए उपस्थित रहेंगे।
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Ram Darbar Pran Pratistha
- फोटो : amar ujala
अभिजित मुहूर्त का महत्व
अभिजीत मुहूर्त को खास इसलिए माना जाता है क्योंकि यह दिन के ऐसे समय को दर्शाता है जिसे सबसे शुभ और फलदायक माना जाता है। यह लगभग दोपहर के बीच का समय होता है, जो आमतौर पर 11:45 से 12:45 बजे के बीच आता है। इसे दिन के मध्यकाल का हिस्सा कहा जाता है, जब सूर्य दिन के आधे समय पर होता है। पंचांग के अनुसार, सूर्योदय से लेकर दिन के कुल समय का आधा जोड़ने पर यह समय निकलता है, और इसके दोनों ओर लगभग 24 मिनट का विस्तार इसे अभिजीत मुहूर्त बनाता है।
इस अवधि को धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इस समय किए गए कार्यों का फल सकारात्मक और सफल होता है। इसी वजह से मंदिरों में पूजा, प्राण प्रतिष्ठा जैसे विशेष अनुष्ठानों में अभिजीत मुहूर्त का खास ध्यान रखा जाता है, ताकि सभी कार्यों में सफलता और मंगल सुनिश्चित हो सके। यह मुहूर्त हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लाने वाला समय होता है।
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Ram Darbar Pran Pratistha
- फोटो : instagram
राम दरबार के साथ अन्य देवी देवताओं की स्थापना
अयोध्या के भव्य और दिव्य राम मंदिर में न केवल भगवान राम के दरबार की स्थापना की जा रही है, बल्कि यहां कुल सात अन्य प्रमुख देवी-देवताओं के मंदिर भी बनाए जा रहे हैं। ये सभी मंदिर गर्भगृह के निकट प्रथम तल पर स्थित आयताकार परिक्रमापथ के चारों कोनों में बनाए जा रहे हैं, जिससे सम्पूर्ण मंदिर परिसर की संरचना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और आकर्षक बन रही है। इस प्रकार, यह मंदिर न केवल एक स्थापत्य चमत्कार होगा, बल्कि समृद्ध धार्मिक संस्कृति और आस्था का प्रतीक भी बनेगा।
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Ram Darbar Pran Pratistha
- फोटो : X-ShriRamTeerth
मंदिर परिसर में हो रहे हैं मुख्य धार्मिक अनुष्ठान
3 जून की सुबह से ही मंदिर परिसर में मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। इस पवित्र और महत्त्वपूर्ण कार्य को संपन्न कराने के लिए 101 वेदपाठी और ऋत्विजों की एक विशेष टीम ने उच्चारित मंत्रों के साथ पूरे अनुष्ठान को विधि-विधान के अनुसार संचालित किया। इसी क्रम में सूर्य देव, माता जानकी और भगवान हनुमान की मूर्तियों की स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिससे मंदिर परिसर में एक अनोखी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया है। यह पूरी व्यवस्था भक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और आस्था को और भी प्रगाढ़ करने वाली साबित हो रही है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।