हर माह दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस तरह से एक माह में दो और पूरे वर्ष में 24 प्रदोष व्रत किए जाते हैं। इस बार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष व्रत 24 मई 2021 दिन सोमवार को पड़ रहा है। इस बार का प्रदोष व्रत सोम प्रदोष होगा। सोमवार भगवान शिव का दिन माना गया है ऐसे में यह प्रदोष व्रत और भी ज्यादा शुभफलदाई रहेगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विधान है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानी संध्या के समय की जाती है। प्रदोष व्रत में फलाहार या निर्जला रहकर व्रत किया जाता है। जानते हैं सोम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त, महत्व और व्रत पूजा विधि।
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Pradosh Vrat May 2021: इस दिन है मई का दूसरा प्रदोष व्रत, जानिए पूजा विधि, महत्व, तिथि और व्रत नियम
Sun, 16 May 2021 05:16 AM IST
Shashi Shashi
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Sun, 16 May 2021 05:16 AM IST
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pradosh vrat 2021 in may
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प्रदोष व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है और जीवन में सुख समृद्धि आती है। सोम प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से पूजन करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि प्रदोष करने से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
प्रदोष व्रत 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सोम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
शुक्ल त्रयोदशी तिथि आरंभ- 24 मई 2021 प्रातः तड़के 03 बजकर 38 मिनट से
शुक्ल त्रयोदशी तिथि समाप्त- 25 मई 2021 रात 12 बजकर 11 मिनट
पूजा का समय- शाम 07 बजकर 10 मिनट से रात 09 बजकर 13 मिनट तक
पूजा का कुल समय- 02 घण्टे 03 मिनट
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प्रदोष व्रत 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : google
प्रदोष व्रत पूजा विधि-
- प्रदोष व्रत की पूजा सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है।
- त्रयोदशी तिथि को प्रातः काल उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें और पूरे दिन व्रत करें।
- संध्या का समय प्रदोष काल में स्नान करने के बाद पूजा करने बैठें।
- भगवान शिव का दूध, दही, घी, शहद आदि से अभिषेक करें और फिर अंत में गंगाजल से अभिषेक करें।
- इसके बाद शिव जी और माता पार्वती को चंदन, पुष्प, अक्षत, धूप, दक्षिणा और नैवेद्य अर्पित करें।
- यदि विवाहिता हैं तो मां पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग का सामान अर्पित करें।
- इसके बाद शिव जी के मंत्रों या फिर शिव चालीसा का पाठ करें।
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प्रदोष व्रत 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
प्रदोष व्रत नियम-
- प्रदोष व्रत में प्रातः जल्दी उठकर स्नान करके पूजन के बाद दूध का सेवन करें और फिर पूरे दिन निर्जला व्रत करें।
- प्रदोष व्रत में केवल एक समय फलाहार करना चाहिए।
- प्रदोष व्रत में अन्न, नमक, मिर्च आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।