Ancestors blessings plants Pitru Paksha: पितृपक्ष की 15 दिनों की अवधि को पितरों की पूजा और उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान पूर्वजों को भोजन कराना, तर्पण और श्राद्ध करना उनकी प्रसन्नता और कृपा प्राप्ति का प्रमुख माध्यम होता है। पितृपक्ष में किसी भी शुभ कार्य जैसे विवाह, सगाई, मुंडन या गृह प्रवेश से परहेज किया जाता है क्योंकि यह समय पूर्वजों को याद करने और उनकी आत्मा की शांति हेतु समर्पित होता है।
Pitru Paksha 2025: श्राद्ध पक्ष के दौरान लगाएं ये पौधे, मिल सकती है पितरों की कृपा
Which Plants To Grow Pitru Paksha: पितृपक्ष में किसी भी शुभ कार्य जैसे विवाह, सगाई, मुंडन या गृह प्रवेश से परहेज किया जाता है क्योंकि यह समय पूर्वजों को याद करने और उनकी आत्मा की शांति हेतु समर्पित होता है।
पीपल का पेड़
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे पितरों का आवास स्थल भी कहा जाता है। पितृपक्ष में पीपल का पौधा लगाना शुभ माना जाता है क्योंकि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनकी कृपा बनी रहती है। पीपल के पेड़ को घर के अंदर नहीं बल्कि खुले स्थान पर या घर के आँगन में लगाना चाहिए। इसके आस-पास नियमित पूजा और दीप प्रज्वलित करना चाहिए। ऐसा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। पीपल के पेड़ की जड़ें और पत्ते भी कई धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयोग होते हैं।
तुलसी का पौधा
तुलसी का पौधा हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु की प्रतिमा माना जाता है। इसे लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वातावरण शुद्ध होता है। पितृपक्ष में तुलसी का पौधा लगाने से न केवल पितरों की प्रसन्नता होती है बल्कि घर के सदस्यों को भी स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। तुलसी की नियमित पूजा से व्यक्ति मानसिक शांति प्राप्त करता है और धार्मिक अनुष्ठानों में तुलसी का उपयोग विशेष फलदायी माना गया है। तुलसी का पौधा घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ होता है।
बरगद का पेड़
बरगद के पेड़ को भी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। पितृपक्ष में इसे लगाने का विशेष महत्व है क्योंकि माना जाता है कि इस पेड़ की छाया में पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। बरगद का पेड़ लगाकर उसकी पूजा करने से परिवार पर पूर्वजों की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। यह पेड़ दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए भी शुभ माना जाता है। बरगद का पेड़ मजबूत जड़ों वाला होता है, जो स्थिरता का प्रतीक है, इसलिए इसे अपने घर के आस-पास जरूर लगाना चाहिए।
बेल का पेड़
बेल के पेड़ का भगवान शिव से गहरा संबंध माना गया है। शिव पूजा में बेलपत्र और बेल के फलों का विशेष महत्व है। पितृपक्ष में बेल का पौधा लगाने से शिवजी की कृपा मिलती है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। आप बेलपत्र पर ‘श्रीराम’ नाम लिखकर उसे शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं, जिससे बहुत सारे कष्ट दूर होते हैं। बेल के पेड़ को घर के आसपास लगाना शुभ होता है और इसका फल-फूल भी धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोगी होता है। बेल का पौधा लगाने से घर में शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।