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Mohini Ekadashi 2022: आज ही के दिन देवताओं ने किया था अमृतपान, जानिए मोहिनी एकादशी व्रत की कथा

Thu, 12 May 2022 10:06 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Thu, 12 May 2022 10:06 AM IST
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Mohini Ekadashi 2022 Vrat Katha Mohini Ekadashi Kab Hai Know About Significance in Hindi
मोहिनी एकादशी की कथा - फोटो : अमर उजाला

Mohini Ekadashi 2022: कल यानी 12 मई, दिन गुरुवार को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं। वैसे तो प्रत्येक माह में दोनों पक्षों, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। हर एकादशी का एक अलग नाम और महत्व होता है। प्रत्येक एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। मान्यता है कि मोहिनी एकादशी के दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है। मोहिनी एकादशी को सब प्रकार के दुखों का निवारण करने वाला और सब पापों को हरने वाला दिन माना जाता है। मोहिनी एकादशी व्रत की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि इस एकादशी का नाम मोहिनी एकादशी क्यों पड़ा और क्या है इसकी पौराणिक कथा.... 

Mohini Ekadashi 2022 Vrat Katha Mohini Ekadashi Kab Hai Know About Significance in Hindi
मोहिनी एकादशी की कथा - फोटो : अमर उजाला
मोहिनी एकादशी 2022 का शुभ मुहूर्त 

मोहिनी एकादशी तिथि का आरंभ: 11 मई 2022, शाम 7 बजकर 31 मिनट से
मोहिनी एकादशी तिथि का समापन: 12 मई 2022, शाम 6 बजकर 51 मिनट तक

Mohini Ekadashi 2022 Vrat Katha Mohini Ekadashi Kab Hai Know About Significance in Hindi
मोहिनी एकादशी की कथा - फोटो : अमर उजाला
मोहिनी एकादशी की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन किया गया तो उससे अमृत कलश की प्राप्ति हुई। देवता और दानव दोनों ही पक्ष अमृत पान करना चाहते थे, जिसकी वजह से अमृत कलश की प्राप्ति को लेकर देवताओं और असुरों में विवाद छिड़ गया। 

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Mohini Ekadashi 2022 Vrat Katha Mohini Ekadashi Kab Hai Know About Significance in Hindi
मोहिनी एकादशी की कथा - फोटो : iStock

विवाद की स्थिति इतनी बढ़ने लगी कि युद्ध की तरफ अग्रसर होने लगी। ऐसे में इस विवाद को सुलझाने और देवताओं में अमृत वितरित करने के लिए भगवान विष्णु ने एक सुंदर स्त्री का रूप धारण किया। इस सुंदर स्त्री का रूप देखकर असुर मोहित हो उठे। इसके बाद मोहिनी रूप धारण किए हुए विष्णु जी ने देवताओं को एक कतार में और दानवों को एक कतार में बैठ जाने को कहा और देवताओं को अमृतपान करवा दिया। अमृत पीकर सभी देवता अमर हो गए। 

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Mohini Ekadashi 2022 Vrat Katha Mohini Ekadashi Kab Hai Know About Significance in Hindi
मोहिनी एकादशी की कथा - फोटो : iStock

पौराणिक मान्यता के अनुसार, जिस दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था, उस दिन वैशाख मास की शुक्ल एकादशी तिथि थी। इस दिन विष्णु जी ने मोहिनी रूप धारण किया था, इसलिए इस दिन को मोहिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा की जाती है।

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