Maghi purnima 2021: कल है माघ पूर्णिमा, जानिए आखिर क्यों इतनी खास है यह तिथि
माघ में कल्पवास की परंपरा है। एक माह तक लोग संगम किनारे रहकर व्रत, संयम के साथ रहकर प्रतिदिन संगम में स्नान करते हैं और माघ पूर्णिमा के दिन कल्पवास पूर्ण करते हैं, इसलिए माघ पूर्णिमा को खास माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा पर जगत के पालकर्ता श्री हरि भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इसदिन गंगाजल में स्नान करने, आचमन करने या फिर केवल स्पर्श मात्र से ही व्यक्ति को पुण्यफल की प्राप्ति होती है।
ज्योतिष के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्रमा मघा नक्षत्र और सिंह राशि में स्थित होता है। मघा नक्षत्र होने पर इस तिथि को माघ पूर्णिमा कहा जाता है।
माघी पूर्णिमा पर किए गए दान का बत्तीस गुना फल प्राप्त होता है। इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा कहा जाता है।
मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा पर देवता भी गंगा स्नान के लिए प्रयाग आते हैं, इसलिए माघ मास की पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करना बहुत शुभ माना गया है।
धार्मिक मान्यता है कि माघी पूर्णिमा पर प्रयाग गंगा संगम पर स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।