एक वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के बारे में ही लोगों को जानकारी होती है, लेकिन इसके अलावा माघ और आषाढ़ में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इस बार माघ गुप्त नवरात्रि 12 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार से आरंभ हो गई हैं। इसमें मां आदिशक्ति की दसमहाविद्याओं की साधना गुप्त रूप सी की जाती है। गुप्त नवरात्रि में विशष कामनाओं की सिद्धि के लिए अनुष्ठान किए जाते हैं। गुप्त नवरात्रि के दौरान पूजा और मनोकामना दोनों को गुप्त रखा जाता है। गुप्त नवरात्रि का समय कार्य सिद्धि और समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए बहुत उत्तम रहता है। आप भी गुप्त नवरात्रि में कुछ उपाय करके विवाह, नौकरी, संतान प्राप्ति में बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।
Gupt Navratri 2021: गुप्त नवरात्रि में किए गए ये उपाय दिलाएंगे कर्ज से लेकर रोजगार तक की समस्या से छुटकारा
संतान सुख किसी के भी जीवन में सबसे ज्यादा महत्व रखता है। जिन लोगों को संतान प्राप्ति की कामना है उन्हें गुप्त नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक मां दुर्गा को पान का पत्ता अर्पित करना चाहिए। पान का पत्ता अर्पित करने से पहले भलिभांति देख लें कि वह एक दम साफ-सुथरा यानि कहीं से भी कटा-फटा नहीं होना चाहिए। कामना पूर्ति के लिए पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
नन्दगोपगृह जाता यशोदागर्भ सम्भवा ततस्तौ नाशयिष्यामि विन्ध्याचलनिवासिनी
रोजगार हर व्यक्ति के जीवन यापन के लिए एक मूलभूत आवश्यकता है। यदि आपको नौकरी प्राप्त करने या फिर कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो गुप्त नवरात्रि में प्रतिदिन नौं दिनों तक मीठे बताशे पर लौंग का जोड़ा रखकर अर्पित करना चाहिए और मनोकामना पूर्ति के लिए पूजा के समय इस मंत्र का जाप करें।
सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वित: मनुष्यो मत्प्रसादेने भविष्यति ना संशय:
यदि आप कर्ज और वाद-विवाद से परेशान हैं तो इससे मुक्ति पाने के गुप्त नवरात्रों में 9 दिनों तक नियमित रूप से मां के सम्मुख गुग्गल की धूप जलाकर, पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करें।
'ऊं दुं दुर्गाय नमः'
अगर आप विवाह योग्य हैं लेकिन बात बनते-बनते बिगड़ जाती है और विवाह में बाधा आ रही है तो गुप्त नवरात्रि में 9 दिनों तक प्रतिदिन ताजे पीले पुष्पों की माला माता को अर्पित करें और पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
कात्यायनी महामाये, महायोगिनयधीश्वरी नन्दगोपसुतं देवी, पति में कुकू ते नम: