जानिए जब राहु कुंडली मारकर बैठ जाए आपके जीवन में तो फिर क्या होता है
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ज्योतिष शास्त्र में राहु एक पापी ग्रह है। यदि कुंडली में राहु ग्रह मजबूत स्थिति में होता है तो वह शुभ फल देता है। वहीं जब कमजोर होता है तो यह बीमारियां, परेशानियां और असफलता का कारण भी बनता है। हालांकि राहु की कमजोर या मजबूत स्थिति कुंडली में उसके स्थान या अन्य ग्रहों से युति से निर्धारित होती है।
राहु के कारण जातक बनता है गलत आदतों का शिकार
कुंडली में राहु का नाम आते ही लोगों के मन में भय होने लगता है। ऐसा इसलिए होता है कि राहु अन्य ग्रहों के साथ मिलकर अशुभ योग का निर्माण करता है और जातकों को उसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं। जैसे शुक्र ग्रह के साथ राहु की युति व्यक्ति को गलत आदतों की ओर ले जाती है। ऐसे व्यक्तियों का नैतिक पतन होने लगता है। व्यक्ति अधर्मी बन जाता है।
जीवन में लगा रहता है परेशानियों का सिलसिला
इसी प्रकार जब राहु देवगुरु बृहस्पति के साथ युति करता है तो उसके कुछ शुभ तो कुछ अशुभ प्रभाव देखने को मिलते हैं। दोनों ग्रहों की युति के कारण व्यक्ति लंबी आयु तक जीवित रहता है, परंतु उसके जीवन में परेशानियों का सिलसिला लगा रहता है। उसका जीवन संघर्षमय बीतता है।
पिता-पुत्र में कराता है विवाद
कुंडली में अगर किसी के शनि के साथ राहु स्थित है तो ऐसा व्यक्ति रहस्यमयी और चालक किस्म के होते हैं। ये लोग गलत तरीके से बहुत अधिक पैसा कमाते हैं। इस योग का प्रभाव बहुत ही अशुभ होता है। पिता पुत्र में विवाद रहता है और परेशानियां आती हैं।
सिर से संबंधित बीमारियों को देता है जन्म
इस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानी आती हैं। व्यक्ति सबसे ज्यादा तनावग्रस्त रहता है। इसे अंगारक योग भी कहते हैं। ये योग भाई के लिए अशुभ रहता है। खून से संबंधित समस्या हो सकती है। राहु के इस योग से व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं।
जब देता है अच्छे परिणाम
कुंडली में राहु की शुभ स्थिति व्यक्ति की किस्मत को चमका देती है। राहु के शुभ प्रभाव से व्यक्ति कुशाग्र बुद्धि का होता है। बली राहु वाले व्यक्ति समाज में अपनी सम्मानित छवि को स्थापित करने में सफल होते हैं। ये अपने धर्म का पालन बहुत ही अच्छी तरह से करते हैं।