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श्राद्ध पक्षः 15 दिन के लिए पितृलोक से हमारे पास आएंगे पूर्वज, जानें पूजन का समय 

Sat, 02 Sep 2017 08:37 AM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह Updated Sat, 02 Sep 2017 08:37 AM IST
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know about shradha paksha or Pitru Paksha date and time

हिन्दू धर्म में श्राद्ध पक्ष काफी अहमियत रखता है। इस दौरान अपने पितरों को श्रद्धाजंलि तो दी ही जाती है, साथ ही उन्हें ये भी बताया जाता है कि उनके परिवार वाले उन्हें भूले नहीं हैं। ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध पक्ष में पूर्वज पितृलोक से भूलोक आते हैं और अपने परिवार वालों के साथ रहते हैं। पक्ष के आखिरी दिन वो वापस अपने लोक लौट जाते हैं। इस बार श्राद्ध पक्ष 5 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो कि 19 सितंबर तक रहेगा। 16 दिनों का होने वाला ये पक्ष इस बार भी 15 दिनों का ही रहेगा। पक्ष पूर्णिमा वाले दिन से शुरू होता है, जो अमावस्या को समाप्त होता है।



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पूर्णिमा तिथि 5 सितंबर को 12.41 बजे लगेगी, जो अगले दिन यानी 6 सितंबर को 12.32 बजे तक रहेगी। पहले दिन पूर्णिमा श्राद्ध होगा, जो अगले दिन प्रतिपदा श्राद्ध होगा। अधिकतर लोग प्रतिपदा श्राद्ध करते हैं, क्योंकि श्राद्ध पूजन और ब्राह्मण भोजन का समय दिन का ही बताया है।

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वैसे 2016 में श्राद्ध पक्ष 15 दिन के ही थे। 16 दिन का श्राद्ध पक्ष अब 2020 में पड़ेगा। इस बार द्वादशी और त्रयोदशी एक ही दिन होने की वजह से पक्ष में एक दिन कम हो रहा है। 

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वैसे कुछ जगह श्राद्ध पक्ष 6 सितंबर से माना जा रहा है। उदया तिथि से दोपहर तक पूर्णिमा श्राद्ध और 12.32 बजे बाद प्रतिपदा का श्राद्ध करेंगे। 

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इस पक्ष में यदि पितृगण प्रसन्न होते हैं तो वो आर्शीवाद देकर जाते हैं। वहीं रूष्ट होते हैं तो व्यक्ति को अनेक प्रकार के दुख का सामना करना पड़ता है। एक तरह से व्यक्ति को अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान रखना चाहिए। 

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