Karwa Chauth 2024: करवा चौथ का पर्व मूल रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। उत्तर भारत में सुहागिन महिलाओं का यह पर्व पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में खुशहाली का प्रतीक है। पर्व में पत्तियां निर्जला व्रत पति के लिए रखती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार उसका पारायण करती हैं। करवा चौथ को लेकर देशभर में अलग-अलग मान्यताएं हैं। बीते कुछ दशकों में संस्कृति के प्रचार-प्रसार और मीडिया माध्यमों के जरिए करवा चौथ सुहागिन महिलाओं और दांपत्य में प्रेम व खुशियों के पर्व के रूप में मनाया जाने लगा है।
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Karwa Chauth 2024: रोहिणी नक्षत्र के अद्भुत संयोग में मनाया जाएगा करवा चौथ का पर्व
Thu, 17 Oct 2024 03:36 PM IST
ज्योति मेहरा
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 17 Oct 2024 03:36 PM IST
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Karwa Chauth 2024
- फोटो : अमर उजाला
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Karwa Chauth
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सुहागन महिलाएं यह व्रत व उपवास अपने पति के प्रति समर्पित होकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा जन्म-जन्मांतर तक पुन: पति रूप में प्राप्त करने हेतु मंगल कामना करती हैं। प्रेम, त्याग व विश्वास के महापर्व में मिट्टी के करवे से रविवार को रात्रि बेला में चंद्रदेव को जल अर्पण कर व्रत पूर्ण करेंगी।
Karwa Chauth
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करवा चौथ के दिन को करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा या करक मिट्टी के पात्र को कहते हैं जिससे चन्द्रमा को जल अर्पण, जो कि अर्घ कहलाता है, किया जाता है। पूजा के दौरान करवा बहुत महत्वपूर्ण होता है और इसे ब्राह्मण या किसी योग्य महिला को दान में भी दिया जाता है।
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Karwa Chauth 2024
- फोटो : Freepik
क्यों होती है चंद्रमा की पूजा?
चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस व्रत में भगवान शिव माता पार्वती, गणेश जी और चंद्रमा का पूजन किया जाता है। इस साल करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर 2024 को सुबह 6:46 बजे से शुरू होगी और 21 अक्टूबर 2024 को सुबह 4:16 बजे समाप्त होगी।
चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस व्रत में भगवान शिव माता पार्वती, गणेश जी और चंद्रमा का पूजन किया जाता है। इस साल करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर 2024 को सुबह 6:46 बजे से शुरू होगी और 21 अक्टूबर 2024 को सुबह 4:16 बजे समाप्त होगी।
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करवा चौथ पूजा
- फोटो : Adobe
करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य
- करवा चौथ के दिन चंद्रोदय रात में 08 बजकर 07 मिनट पर होगा।
- करवा चौथ पर भद्रा का दोष नहीं लगेगा
- भद्रा का विचार रक्षाबंधन और होलिका दहन में किया जाता है, इसलिए करवा चौथ पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- करवा चौथ पर भद्रा प्रातः काल 6 बजकर 46 मिनट तक है तो इसलिए भी इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पं.मनोज कुमार द्विवेदी ज्योतिषाचार्य