हिंदू धर्म में कार्तिक के महीने का खासा महत्व होता है। कार्तिक पूर्णिमा इस साल 4 नवंबर को है। जानिए कैसे करें गंगा स्नान और पूजन...
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कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहते हैं। इसी दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था। राक्षस के अंत के बाद महादेव की पूजा त्रिपुरारी के रूप में होने लगी।
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STEP Hrki in Haridwar on Sunday on the occasion of Kartik Purnima bathing devotees take dip in the Ganges.
- फोटो : amarujala
मान्यता है कि इस दिन कृतिका नक्षत्र में भगवान भोलेनाथ के दर्शन मात्र से व्यक्ति सात जन्मों तक धनी और ज्ञानी होता है। इस दिन चंद्रमा जब आकाश में उदित हो रहा हो ठीक उसी समय शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा इन कृतिकाओं का पूजन करने से भोले भंडारी प्रसन्न होते हैं।
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कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान उमड़े श्रद्घालु।
इस दिन गंगा में स्नान करने से पूरे वर्ष स्नान के बराबर फल मिलता है। आपको बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा वाले दिन गंगा स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान करने व्यक्ति के सभी पाप धूल जाते हैं।