फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कार्तिक पूर्णिमा पर गढ़मुक्तेश्वर में क्यों करते हैं स्नान, जानिए इसके फायदे

Fri, 03 Nov 2017 08:07 AM IST
amarujala.com- presented by: शारुख खान
amarujala.com- presented by: शारुख खान Updated Fri, 03 Nov 2017 08:07 AM IST
विज्ञापन
why people gose to Garhmukteshwar temple in Kartik Purnima
kartik purnima
कार्तिक मास की पूर्णिमा का शास्त्रों में बड़ा महत्व बताया गया है। शैव भक्तों में इस पूर्णिमा का महत्व इसलिए है क्योंकि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक महाबलशाली असुर का वध किया था। 

पढ़ें:- कार्तिक पूर्णिमाः इस तरह से सूर्योदय से पहले करें गंगा स्नान, भगवान विष्‍णु की मिलेगी विशेष कृपा
 
why people gose to Garhmukteshwar temple in Kartik Purnima
दोहरघाट स्थित सरयू नदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करते श्रद्घालु।
इससे देवगण बहुत प्रसन्न हुए और भगवान विष्णु ने शिव जी को त्रिपुरारी नाम दिया जो शिव के अनेक नामों में से एक नाम है। लेकिन कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व वैष्णव भक्तों के लिए है क्योंकि प्रलयकाल में कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु ने पहला अवतर लिया था जिसे मत्स्य अवतार के नाम से जाना जाता है। 
 
why people gose to Garhmukteshwar temple in Kartik Purnima
STEP Hrki in Haridwar on Sunday on the occasion of Kartik Purnima bathing devotees take dip in the Ganges. - फोटो : amarujala
इस अवतार में भगवान विष्णु ने वेदों की रक्षा की और प्रलय के अंत तक सप्तऋषियों, अनाजों एवं राजा सत्यव्रत की रक्षा की। इससे पुनः सृष्टि का निर्माण करना आसान हुआ। शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिम के दिन दिन गंगा स्नान का बड़ा महत्व बताया गया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
why people gose to Garhmukteshwar temple in Kartik Purnima
फाइल
माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पूरे वर्ष गंगा स्नान करने का फल मिलता है। इस दिन गंगा के पवित्र नदियों एवं तीर्थों में स्नान का भी बहुत महत्व है। यमुना, गोदावरी, नर्मदा, गंडक, कुरूक्षेत्र, अयोध्या, काशी में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन
why people gose to Garhmukteshwar temple in Kartik Purnima
फाइल
इस दिन गढ़मुक्‍तेश्‍वर में स्नान करना उत्तम फलदायी माना गया है। मान्यता है कि महाभारत युद्घ समाप्त होने के बाद अपने परिजनों के शव को देखकर युधिष्ठिर बहुत शोकाकुल हो उठे। पाण्डवों को शोक से निकालने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गढ़ मुक्तेश्वर में आकर इसी दिन मृत आत्माओं की शांति के लिए यज्ञ और दीपादन किया। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed