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Jivitputrika Vrat 2023: जीवित्पुत्रिका व्रत के दौरान बरतें ये सावधानियां, तभी सफल होगी पूजा

Fri, 06 Oct 2023 04:32 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 06 Oct 2023 04:32 PM IST
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Jivitputrika Vrat 2023 date Jitiya Vrat Puja Vidhi and Niyam In Hindi
जीवित्पुत्रिका व्रत के नियम - फोटो : iStock

Jivitputrika Vrat 2023: इस साल जीवित्पुत्रिका व्रत 6 अक्तूबर को रखा जा रहा है। यह व्रत हर साल अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। जीवित्पुत्रिका व्रत को जिउतिया, जितिया या ज्युतिया व्रत भी कहा जाता है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए रखती हैं। जीवित्पुत्रिका व्रत निर्जला होता है। महिलाएं अपनी संतान की समृद्धि और उन्नत जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यताओं के अनुसार संतान के लिए किया गया जीवित्पुत्रिका व्रत किसी भी बुरी परिस्थिति में उनकी रक्षा करता है। यह कठिन व्रत उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और वेस्ट बंगाल जैसे राज्यों में अधिक प्रचलित है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, जितिया व्रत के दौरान कई नियमों का पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि इस दौरान हुई गलती से आपका व्रत निष्फल भी हो सकता है। आइए जानते हैं जितिया व्रत के नियम...



Jivitputrika Vrat 2023: इस साल कब है जितिया व्रत? जानें इसका महत्व और पूजा विधि

Jivitputrika Vrat 2023 date Jitiya Vrat Puja Vidhi and Niyam In Hindi
जीवित्पुत्रिका व्रत के नियम - फोटो : istock

जितिया व्रत कठिन व्रतों में एक होता है, जिसके नियम पूरे 3 दिनों तक चलते हैं। नहाय खाय से शुरू होकर व्रत फिर पारण के बाद जितिया का व्रत पूरा होता है। इस व्रत में महिलाएं छठ पूजा की तरह ही स्नान आदि और पूजा-पाठ के बाद भोजन करती हैं। इसके बाद दूसरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में नहाय-खाय के दिन भूलकर भी लहसुन-प्याज, मांसाहार या तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए।

Jivitputrika Vrat 2023 date Jitiya Vrat Puja Vidhi and Niyam In Hindi
जीवित्पुत्रिका व्रत के नियम - फोटो : iStock

मान्यता है कि यह व्रत परंपरा की तरह निभाया जाता है। यानी पहले सास इस व्रत को करती है। उसके बाद घर की बहू यह व्रत रखती है। ऐसे में यदि आपने एक बार जितिया का व्रत रखा है, तो इसे हर साल नियम के अनुसार करना चाहिए। इस व्रत को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए।

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Jivitputrika Vrat 2023 date Jitiya Vrat Puja Vidhi and Niyam In Hindi
जीवित्पुत्रिका व्रत के नियम - फोटो : iStock

जितिया व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना जरूरी होता है। साथ ही इस दिन मन, वचन और कर्म से भी शुद्ध रहें। इसके अलावा इस दौरान लड़ाई-झगड़े और कलह-क्लेश से दूर रहना चाहिए वरना व्रत का शुभ फल नहीं मिलता है। 

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जीवित्पुत्रिका व्रत के नियम - फोटो : iStock
पूजा विधि
  • प्रदोष काल में गाय के गोबर से पूजा स्थल को लीपकर स्वच्छ करें और छोटा सा तालाब बनाएं। 
  • जितिया में शालीवाहन राजा के पुत्र धर्मात्मा जीमूतवाहन की पूजा करें। 
  • जीमूतवाहन की कुश निर्मित मूर्ति को जल या फिर मिट्टी के पात्र में स्थापित करें और पीले और लाल रुई से उन्हें सजाएं।
  • धूप, दीप, अक्षत, फूल, माला से  उनका पूजन करें। 
  • इसके बाद महिलाएं संतान की दीर्घायु और उनकी प्रगति के लिए पूजा करें। 
  • पूजा के दौरान जीवित्पुत्रिका की व्रत कथा जरूर सुनें।
  • इसके बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।
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