फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

महाभारत की ये हैं वह पांच घटनाएं जब अर्जुन मरते-मरते बचे

Thu, 21 Jul 2016 11:48 AM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिटल, अमर उजाला, दिल्ली।
राकेश्ा झा / टीम डिजिटल, अमर उजाला, दिल्ली। Updated Thu, 21 Jul 2016 11:48 AM IST
विज्ञापन
inside story of mahabharat
महाभारत

महाभारत का महायुद्ध पांडवों की जीत की कहानी है लेक‌‌िन महाभारत की कहानी कुछ और होती अगर भगवान श्री कृष्‍ण उस समय सामने नहीं आते जब अर्जुन की जान पर बन आई। महाभारत में बताया गया है क‌ि जब महायुद्ध चल रहा था उस दौरान 5 बार ऐसा हुआ क‌ि अर्जुन के प्राण संकट में आ गए और पांडवों को लगा क‌ि महाभारत युद्ध में उनकी हार न‌िश्च‌ित है। लेक‌िन ब‌िना युद्ध क‌िए श्री कृष्‍ण ने ऐसी चाल चली क‌ि अर्जुन बन गए महाभारत युद्ध के महानायक और पांडव हुए महाभारत के व‌िमहाभारत के महायुद्ध के दौरान कई बार अर्जुन की जान पर संकट आया लेक‌िन हर बार श्री कृष्‍ण ने बचाई जान।जेता। तो आइए जानें क‌ि महाभारत में कब और कैसे अर्जुन की जान पर बन आई।

इस तरह महाभारत युद्ध में श्री कृष्‍ण ने बचाई 5 बार अर्जुन की जान

inside story of mahabharat
महाभारत जयद्रथ

महाभारत युद्ध के दौरान जयद्रथ ने भगवान श‌िव के वरदान के कारण एक द‌िन अर्जुन को छोड़कर सभी पांडवों को पराज‌ित कर द‌िया इसी द‌िन अभ‌िमन्यु का भी वध कर द‌िया गया। अर्जुन ने अभ‌िमन्यु वध से दुखी होकर प्रण क‌िया क‌ि अगले द‌िन जयद्रथ का वध करेगा। अगर वह ऐसा नहीं कर पाए तो प्राण त्‍याग देंगे। अगले द‌िन जब युद्ध हुआ तो अर्जुन ने जयद्रथ को मारने की खूब कोश‌िश की लेक‌िन वक्त बीतता जा रहा था और सूर्य ढ़लने जा रहा था। कौरव खुश हो रहे थे क‌ि अर्जुन आत्मदाह कर लेगा। इस संकट की घड़ी में श्री कृष्‍ण ने अपने चक्र से सूर्य को ढक द‌िया और कौरव सेना में उत्‍साह की लहर दौड़ पड़ी। जयद्रथ अपने रथ से कूदकर अर्जुन के सामने आ गया। ठीक इसी समय श्री कृष्‍ण ने अपना चक्र सूर्य से हटा द‌िया और द‌िन न‌िकल आया। अर्जुन ने पल भर में अपने गांडीव धनुष का रुख जयद्रथ की ओर क‌िया और जयद्रथ का वध सफल हुआ। इस तरह श्री कृष्‍ण की चाल से अर्जुन की जान बची।

इस तरह महाभारत युद्ध में श्री कृष्‍ण ने बचाई 5 बार अर्जुन की जान

inside story of mahabharat
कृष्‍ण अर्जुन

दूसरी बार अर्जुन की जान पर तब बन आई जब कर्ण से अर्जुन का युद्ध चल रहा था। युद्ध के दौरान कर्ण ने सर्पमखास्त्र का प्रयोग क‌िया और वह सीधा अर्जुन के प्राण लेने के ल‌िए चल पड़ा। लेक‌िन श्री कृष्‍ण ने पलक झपकते ही अंगूठे से रथ को पांच इंच नीचे दबा द‌िया ज‌िससे सर्पमखास्त्र अर्जुन के मुकुट को काटता हुआ चला गया और अर्जुन की जान बच गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह महाभारत युद्ध में श्री कृष्‍ण ने बचाई 5 बार अर्जुन की जान

inside story of mahabharat
महाभारत

कर्ण के सेनापत‌ि बनने के बाद अर्जन और कर्ण के बीच तीन द‌िनों तक युद्ध चला था। श्री कृष्‍ण इस बात से च‌िंत‌ित थे क‌ि कर्ण के पास इंद्र का द‌िया अमोघ वाण है। कर्ण ने अगर इसका प्रयोग क‌िया तो अर्जुन की मृत्यु न‌िश्च‌ित है। श्री कृष्‍ण ने इस वाण से अर्जुन को बचाने के ल‌िए भीम के पुत्र घटोत्कच को युद्ध के मैदान में बुला ‌ल‌िया। घटोत्कच ने कौरव सेना में हाहाकार मचा द‌िया। परेशान होकर दुर्योधन ने घटोत्कच पर अमोघ वाण चलाने के ल‌िए कर्ण को मजबूर क‌िया और इस वाण के प्रयोग से घटोत्कच मारा गया। कर्ण इस अमोघ वाण का प्रयोग स‌िर्फ एक बार कर सकता था इसल‌िए एक बार प्रयोग के बाद यह वाण वापस इंद्र के पास लौट गया। इस तरह अर्जुन पर आने वाला संकट टल गया।

विज्ञापन

इस तरह महाभारत युद्ध में श्री कृष्‍ण ने बचाई 5 बार अर्जुन की जान

inside story of mahabharat
महाभ्‍ाारत

महाभारत युद्ध के आख‌िरी द‌िन जब अर्जुन को युद्ध क्षेत्र से श‌िव‌िर लौटे श्री कृष्‍ण तब अर्जुन को पहले रथ से उतरने के ल‌िए कहा जबक‌ि हर द‌िन स्वयं पहले रथ से उतरते थे। श्री कृष्‍ण की आज्ञा मानकर अर्जुन पहले रथ से उतर गए और बाद में जैसे ही श्री कृष्‍ण उतरे रथ धू-धू करके जलने लगा। तब अर्जुन को श्री कृष्‍ण ने बताया क‌ि यह रथ तो भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य और कर्ण के द‌िव्यास्‍त्रों से पहले ही जल चुका था। मेरे संकल्प के कारण यह अब तक जीव‌ित द‌‌िख रहा था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed