{"_id":"4909a6ae725becdb660cb93c7519a1b7","slug":"haritalika-teej-vrat-katha","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज
Wed, 16 Sep 2015 12:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली।
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली।
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:13 PM IST
विज्ञापन
हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज
1 of 6
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आज भाद्रमास की तृतीया तिथि है साथ ही आधे दिन के बाद चर्तुर्थी तिथी भी है इसलिए आज तीज और चौठ दोनों पर्व मनाया जाएगा। यहां हम बात कर रहे हैं हरितालिका तीज की जिनका महिलाओं के लिए बड़ा ही महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह तीज महिला क्यों रखती हैं। आइये जानें उन पांच कारणों को जिनकी वजह से यह व्रत रखा जाता है।
हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज
2 of 6
हरितालिका तीज का पहला कारण यह है कि इस तीज के दिन देवी पार्वती अपनी सखियों के सहयोग से वन में पहुंचकर शिव को पति रुप में पाने के लिए व्रत का अनुष्ठान किया था। महल में पार्वती के नहीं होने पर पर्वतराज हिमालय और माता मैना को यह लगा कि देवी पार्वती का अपहरण हो गया है। इसलिए यह तिथि हरितालिका के नाम से जानी गई। देवी पार्वती का व्रत आरंभ और पार्वती के हरण के प्रसंग के कारण यह व्रत किया जाता है।
हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज
3 of 6
व्रत के प्रभाव से भगवान शिव प्रकट हुए और देवी पार्वती को पत्नी रुप में स्वीकार करने का वरदान मिला। देवी पार्वती और भगवान शिव ने कहा कि जो कन्या इस व्रत को रखेगी उसे मनोनुकूल पति प्राप्त होगा इसलिए इस व्रत को कुंवारी कन्या भी रखती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज
4 of 6
शिव पुराण की कथा के अनुसार शुक्लपक्ष की तृतीया के दिन ही देवी पार्वती का अपने पूर्वजन्म में भगवान शिव से सती के रुप में विवाह हुआ था। इसलिए यह तिथि सौभाग्य प्रदान करने वाला माना गया है। यही कारण है कि देवी पार्वती ने अपने अगले जन्म में इसी तिथि को शिव को पुनः पाने का प्रयास किया था और सफल भी हुई थी।
विज्ञापन
हरितालिका तीज विशेषः इन पांच कारणों से मनाते हैं हरितालिका तीज
5 of 6
पुराणों की कथा के अनुसार देवी पार्वती ने कहा है कि जो सुहागन स्त्री इस व्रत को नियम पूर्वक रखती हैं उनका सुहाग सलामत रहता है।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।