Happy Ganesh Chaturthi 2021 Wishes And Calendar: शुक्रवार, 10 सितंबर 2021 को रिद्धि-सिद्धि के दाता, प्रथम पूज्य, लोक मंगल के देवता, सुख संपदा और समृद्धि प्रदान करने वाले देवता भगवान श्रीगणेश का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश का जन्म हुआ था। भाद्रपद माह की गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति घर-घर विराजते हैं। पंडालों में इनकी बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं सभी के आर्कषण का केंद्र बिन्दु होती हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र व रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्रीगणेश से अधिक लोकप्रिय शायद ही कोई देवता होंगे, क्योंकि हर शुभ कार्य का शुभारंभ ''श्री गणेशाय नमः'' से होता है। भगवान गणेश ज्ञान और बुद्धि के देवता हैं। ये विघ्नहर्ता, परेशानियों को दूर करने वाले और सभी देवताओं में प्रथम पूज्य गणाधिपति ही हैं, जिन्हें किसी दूसरे का आदेश मानने की मजबूरी नहीं। शास्त्रों में भगवान गणेश के कई स्वरूपों का वर्णन किया गया है और मान्यता है कि इनके हर एक रूप में सुख और समृद्धि का वास होता है। ऐसे में गणेश चतुर्थी के अवसर आइए दर्शन करते हैं भगवान गणेश के 32 सबसे खास रूपों का...
{"_id":"6139be7ba5050641bb049b0a","slug":"happy-ganesh-chaturthi-2021-wishes-lord-ganesh-images-quotes-photos-pic-greetings-and-32-forms-of-lord-ganesh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Happy Ganesh Chaturthi Wishes Calendar 2021: गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं, भगवान गणपति के 32 रूपों का यहां करें दर्शन","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Happy Ganesh Chaturthi Wishes Calendar 2021: गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं, भगवान गणपति के 32 रूपों का यहां करें दर्शन
Fri, 10 Sep 2021 06:15 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 10 Sep 2021 06:15 AM IST
विज्ञापन
गणेश चतुर्थी 2021 शुभकामना संदेश
- फोटो : अमर उजाला
ganesh chaturthi 2021
1. श्री बाल गणपति - भगवान गणेश का यह स्वरूप बाल गणपति के रूप में है। भगवान के इस स्वरूप में उनकी छ: भुजाओं में अलग-अलग फल है और उनका शरीर लाल रंग का है। गणेश चतुर्थी पर बाल गणपति के इस इस रूप की पूजा होती है।
2. श्री तरुण गणपति - भगवान गणेश का यह स्वरूप उनके किशोर रूप को दर्शाता है। इनके इस रूप में आठ भुजाओं वाला रक्तवर्ण शरीर है। इनका यह स्वरूप युवावस्था में शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।
2. श्री तरुण गणपति - भगवान गणेश का यह स्वरूप उनके किशोर रूप को दर्शाता है। इनके इस रूप में आठ भुजाओं वाला रक्तवर्ण शरीर है। इनका यह स्वरूप युवावस्था में शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है।
ganesh chaturthi 2021
3. श्री भक्त गणपति - गणपति के इस स्वरूप में गणेशजी की चार भुजाएं हैं। इनके इस रूप में इनका शरीर सफेद रंग का है।
4. श्री वीर गणपति- भगवान गणेश के इस स्वरूप में वह एक योद्धा की तरह हैं। इस स्वरूप में इनके कई हाथ हैं जिसमें वह तरह-तरह के अस्त्रों से शुभोभित हैं। भगवान गणेश के इस स्वरूप में उन्हें साहस और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
4. श्री वीर गणपति- भगवान गणेश के इस स्वरूप में वह एक योद्धा की तरह हैं। इस स्वरूप में इनके कई हाथ हैं जिसमें वह तरह-तरह के अस्त्रों से शुभोभित हैं। भगवान गणेश के इस स्वरूप में उन्हें साहस और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ganesh chaturthi 2021
5. श्री शक्ति गणपति - गणेश जी इस स्वरूप में चार भुजाओं के साथ उनका सिंदूरी रंग का शरीर है। इनका यह स्वरूप अभय मुद्रा में है।
6. श्री द्विज गणपति - इनके इस स्वरूप में चार भुजा है। यह दो गुणों का प्रतीक हैं पहला ज्ञान और दूसरा संपत्ति। सुख और संपदा की मनोकामना के लिए इनके इस रूप की पूजा की जाती है।
6. श्री द्विज गणपति - इनके इस स्वरूप में चार भुजा है। यह दो गुणों का प्रतीक हैं पहला ज्ञान और दूसरा संपत्ति। सुख और संपदा की मनोकामना के लिए इनके इस रूप की पूजा की जाती है।
विज्ञापन
ganesh chaturthi 2021
7. श्री सिद्धि गणपति - इनकी यह मुद्रा बुद्धि और सफलता का प्रतीक है। इसमे यह आराम की मुद्रा में हैं। गणेशजी के इस स्वरूप में इनका रंग पीला यानी पीतवर्ण का है। मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक मंदिर में इनका स्वरूप सिद्धि गणपति के स्वरूप में विराजमान है।
8. श्री विघ्न गणपति - भगवान गणेश के इस स्वरूप में वह दस भुजाधारी सुनहरी शरीर काया के रूप में हैं। इनका विघ्न स्वरूप तमाम तरह की बाधाओं को दूर करना वाला है। इनके हाथ में शंख और चक्र शुशोभित है।
8. श्री विघ्न गणपति - भगवान गणेश के इस स्वरूप में वह दस भुजाधारी सुनहरी शरीर काया के रूप में हैं। इनका विघ्न स्वरूप तमाम तरह की बाधाओं को दूर करना वाला है। इनके हाथ में शंख और चक्र शुशोभित है।