Shivling Rakhne Ka Niyam: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, महादेव बेहद दयालु और भोले स्वभाव के हैं। वे केवल एक लोटा जल अर्पित करने से ही अपने भक्तों पर कृपा बरसा देते हैं। यही कारण है कि, कई लोग रोजाना नियमपूर्वक उनकी पूजा करते हैं और कुछ घर में शिवलिंग स्थापित कर आराधना करना चाहते हैं। हालांकि, घर में शिवलिंग रखना शुभ माना गया है, परंतु इसके साथ कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है अन्यथा इसका नकारात्मक प्रभाव घर की सुख-समृद्धि पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में आइए घर में शिवलिंग रखने के कुछ महत्वपूर्ण नियमों को जानते हैं।
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Shivling Rakhne Ka Niyam: घर में शिवलिंग रखना सही है ? जानें क्या है इससे जुड़े नियम और सावधानियां
Wed, 06 May 2026 07:31 AM IST
Megha Kumari
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Megha Kumari
Updated Wed, 06 May 2026 07:31 AM IST
सार
Shivling Rakhne Ka Niyam: हिंदू धर्म में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। रोजाना इस पर जल चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होकर साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
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Shivling Rakhne Ka Niyam
- फोटो : अमर उजाला AI
Shivling Rakhne Ka Niyam
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- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में रखा जाने वाला शिवलिंग अंगूठे के आकार का होना चाहिए। बड़ा शिवलिंग घर में रखना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि उसकी पूजा के नियम अधिक कठोर होते हैं।
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- फोटो : adobe stock
- शास्त्रों की मानें, तो शिवलिंग स्थापित करने के लिए प्राण-प्रतिष्ठा अनिवार्य नहीं है। हालांकि, लेकिन रोजाना जल चढ़ाना, अभिषेक करना और श्रद्धा से पूजा करना जरूरी माना गया है। इससे महादेव की कृपा बनी रहती है और घर में भी खुशियां वास करती हैं।
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- माना जाता है कि, शिवलिंग को हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में ही रखना चाहिए। यह दिशा सबसे पवित्र मानी जाती है। इससे घर में बरकत होती हैं और नकारात्मकता समाप्त होती हैं।
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- धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, घर में जहां शिवलिंग स्थापित करें, वहां भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय का चित्र या मूर्ति अवश्य रखें। इससे घर में सुख-शांति और पारिवारिक संतुलन बना रहता है।
- शास्त्रों के अनुसार, घर में एक से अधिक शिवलिंग रखना अशुभ माना जाता है। इसलिए एक ही शिवलिंग स्थापित करें और उसी की नियमित पूजा करें।
- रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। यह शुभ होता है। इसके साथ ही महादेव के इन प्रभावशाली मंत्रों का जाप करना लाभकारी हो सकता है।
महामृत्युंजय मंत्र
ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
सुख और शांति प्राप्त करने का मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
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