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Jyeshta Month 2026: ज्येष्ठ मास में करें ये उपाय, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि और नहीं होगी धन-धान्य की कमी
Mon, 04 May 2026 03:55 PM IST
Vinod Shukla
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Mon, 04 May 2026 03:55 PM IST
सार
ज्येष्ठ मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। रोजाना तुलसी दल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
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ज्येष्ठ माह के उपाय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास का विशेष धार्मिक और पौराणिक महत्व माना जाता है। यह महीना तप, दान, जल सेवा और भगवान विष्णु और सूर्य देव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। भीषण गर्मी के इस समय में किए गए पुण्य कर्म कई गुना फलदायी माने जाते हैं। मान्यता है कि इस मास में किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि करते हैं। आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास में किए जाने वाले कुछ सरल और प्रभावी उपाय।
1. जलदान का विशेष महत्व
ज्येष्ठ मास में तापमान अत्यधिक होता है, इसलिए प्यासे जीवों को जल पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। घर के बाहर या किसी सार्वजनिक स्थान पर ठंडे पानी का मटका रखना, राहगीरों और पक्षियों को पानी पिलाना अत्यंत शुभ फल देता है। इससे घर में कभी अन्न-जल की कमी नहीं होती और लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
2. सूर्य देव की आराधना
इस मास में प्रतिदिन सुबह सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत लाभकारी होता है। तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य को अर्पित करें। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
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3. भगवान विष्णु की पूजा
ज्येष्ठ मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। रोजाना तुलसी दल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन की कमी नहीं होती।
ज्येष्ठ मास में वट वृक्ष की पूजा का भी विशेष महत्व होता है, खासकर वट सावित्री व्रत के दिन। वट वृक्ष को जल चढ़ाना, उसकी परिक्रमा करना और सूत का धागा बांधना सौभाग्य और समृद्धि प्रदान करता है। यह उपाय परिवार की खुशहाली के लिए बहुत लाभकारी माना गया है।
5. गरीबों और जरूरतमंदों को दान
इस महीने में दान का विशेष महत्व है। विशेषकर छाता, पंखा, वस्त्र, जल से भरे घड़े, फल आदि का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि घर में धन-धान्य की वृद्धि भी होती है।
6. नमक और तेल का दान
ज्येष्ठ मास में शनिवार के दिन सरसों के तेल और नमक का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष शांत होता है और जीवन में आ रही आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
इस मास में जितना हो सके सात्विक आहार और विचार अपनाएं। क्रोध, नकारात्मकता और गलत कर्मों से दूर रहें। संयमित जीवन जीने से मानसिक शांति मिलती है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
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1. जलदान का विशेष महत्व
ज्येष्ठ मास में तापमान अत्यधिक होता है, इसलिए प्यासे जीवों को जल पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। घर के बाहर या किसी सार्वजनिक स्थान पर ठंडे पानी का मटका रखना, राहगीरों और पक्षियों को पानी पिलाना अत्यंत शुभ फल देता है। इससे घर में कभी अन्न-जल की कमी नहीं होती और लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
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2. सूर्य देव की आराधना
इस मास में प्रतिदिन सुबह सूर्य को अर्घ्य देना अत्यंत लाभकारी होता है। तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य को अर्पित करें। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
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3. भगवान विष्णु की पूजा
ज्येष्ठ मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। रोजाना तुलसी दल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन की कमी नहीं होती।
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4. वट वृक्ष की पूजाज्येष्ठ मास में वट वृक्ष की पूजा का भी विशेष महत्व होता है, खासकर वट सावित्री व्रत के दिन। वट वृक्ष को जल चढ़ाना, उसकी परिक्रमा करना और सूत का धागा बांधना सौभाग्य और समृद्धि प्रदान करता है। यह उपाय परिवार की खुशहाली के लिए बहुत लाभकारी माना गया है।
5. गरीबों और जरूरतमंदों को दान
इस महीने में दान का विशेष महत्व है। विशेषकर छाता, पंखा, वस्त्र, जल से भरे घड़े, फल आदि का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि घर में धन-धान्य की वृद्धि भी होती है।
6. नमक और तेल का दान
ज्येष्ठ मास में शनिवार के दिन सरसों के तेल और नमक का दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष शांत होता है और जीवन में आ रही आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।
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7. सात्विक जीवनशैली अपनाएंइस मास में जितना हो सके सात्विक आहार और विचार अपनाएं। क्रोध, नकारात्मकता और गलत कर्मों से दूर रहें। संयमित जीवन जीने से मानसिक शांति मिलती है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।