{"_id":"5e1972938ebc3e87ee3bc63a","slug":"famous-hanuman-temples-in-india-where-devotees-have-faith","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भगवान हनुमान के 10 विशेष मंदिर, जहां भक्तों की रहती है आस्था और पूरी होती है हर मनोकामना","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
भगवान हनुमान के 10 विशेष मंदिर, जहां भक्तों की रहती है आस्था और पूरी होती है हर मनोकामना
Tue, 21 Jan 2020 09:14 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 21 Jan 2020 09:14 AM IST
विज्ञापन
bajrangi
भगवान हनुमान सर्मपण, त्याग और शक्ति के प्रतीक देवता हैं। भगवान हनुमान को सबसे पूजा जाता है। वे भगवान शंकर के 11वें रुद्रावतार हैं। मान्यता है कि हनुमानजी कलियुग के जीवित देवता हैं और आज भी इस धरती पर विचरण करते हैं। जो भक्त हनुमानजी की सच्चे मन से आराधना करता है वे उनकी मनोकामना बहुत ही जल्द पूरी कर देते हैं। वैसे तो हर एक स्थान पर हनुमानजी के मंदिर हैं लेकिन देश में कुछ ऐसे भगवान हनुमान के मंदिर है जहां भक्तों की गहरी आस्था है।
Trending Videos
hanuman temple
प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर- उत्तर प्रदेश
- उत्तर प्रदेश के इलाहबाद में संगम तट पर स्थित है हनुमान जी की यह लेटी हुई प्रतिमा। 20 फीट लम्बी इस प्रतिमा को हर साल गंगा जी स्नान कराने के लिए आती हैं। देश-दुनिया में जहां नदियों के जलस्तर को एक संकट के रूप में देखा जाता है, वहीं इस मंदिर के भक्त गंगा के जलस्तर को शुभता की दृष्टि से देखते हैं। मान्यता है कि जिस साल गंगा जी हनुमान जी को स्नान करने में असमर्थ रहती है तो वह उसकी भरपाई अगले वर्ष उन्हें कई बार स्नान कराकर करती हैं।
bajrangi
हनुमानगढ़ी, अयोध्या
- प्रभु श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में स्थित है श्री हनुमान जी का भव्य पावन धाम। जिसे लोग हनुमानगढ़ी के नाम से जानते हैं। श्रीरामजन्मभूमि के करीब यह मंदिर ऊंचे टीले पर स्थित है। मंदिर की स्थापना 300 साल पहले स्वामी अभयारामदासजी ने की थी। जहां 60 साीढ़ियों को चढ़ने के बाद हनुमत के दर्शन होते हैं। हनुमान जी के इस मंदिर दर्शन के बगैर अयोध्या की यात्रा अधूरी मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
bajrangi
श्री संकटमोचन मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित यह मंदिर हनुमान भक्तों के लिए एक बेहद रमणीय स्थान है। मान्यता है कि हनुमानजी की यह मूर्ति गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई थी। बाबा विश्वनाथ की नगरी में उनके अंशावतार बजरंग बली के बारे में मान्यता है कि उनके दर्शन मात्र से सभी संकट दूर हो जाते हैं। इसीलिए लोग इस मंदिर को संकटमोचन मंदिर के नाम से बुलाते हैं।
विज्ञापन
bajrangi
जहां दूर होती है भूत-प्रेत बाधाएं
- राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ श्री हनुमान जी का यह पावन धाम। मेहंदीपुर में स्थित यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर भूत-प्रेत बाधाओं को दूर करने के लिए जाना जाता है।