फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   dhanteras 2021 how the poor brahmin became lord kuber story of god of wealth

Dhanteras 2021: कैसे बना भोजन चुराने वाला एक गरीब ब्राह्मण, देवताओं का धन कोषाध्यक्ष कुबेर

Wed, 27 Oct 2021 06:22 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 27 Oct 2021 06:22 AM IST
विज्ञापन
dhanteras 2021 how the poor brahmin became lord kuber story of god of wealth
कुबेर

धनतेरस का त्योहार 2 नवंबर 2021, मंगलवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन माता लक्ष्मी भगवान धनवंतरि के साथ- साथ धन के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती है। यक्षों के राजा कुबेर धन के स्वामी हैं और उत्तर दिशा के दिकपाल हैं। कुबेर को संसार के रक्षक लोकपाल भी माना जाता है।  इतना ही नहीं कुबेर रावण, कुंभकर्ण और विभीषण के सौतेले भाई हैं, लेकिन ब्राह्मण गुणों के कारण कुबेर को देवता बनाए गया। धन के देवता कुबेर को भगवान शिव का द्वारपाल भी बताया जाता है।

विज्ञापन


कुबेर सुख-समृद्धि और धन देने वाले देवता हैं। उन्हें देवताओं का कोषाध्यक्ष माना गया है। मान्यता है कि कुबेर देवता की मूर्ति घर में लाने से सदैव परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। कुबेर देवता का निवास उत्तर दिशा की ओर माना गया है।  पर क्या आप जानते हैं भोजन चुराने वाला एक गरीब ब्राह्मण कैसे बना देवताओं के कोषाध्यक्ष। तो आइए आज आपको इसे जुड़ी एक पौराणिक कथा बताते हैं- 

विज्ञापन

dhanteras 2021 how the poor brahmin became lord kuber story of god of wealth
kuber brahman (prateekatmak tasveer) - फोटो : istock

कौन थे भगवान कुबेर पिछले जन्म में

भगवान कुबेर पूर्वजन्म में एक गुणनिधि  नाम के गरीब ब्राह्मण थे। बचपन में उन्होंने अपने पिता से धर्म शास्त्र की शिक्षा ली। लेकिन गलत संगत में आने के कारण उन्हें जुआ खेलने और चोरी की लत लग गई। गुणनिधि की इन हरकतों से परेशान होकर उनके पिता ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। घर से निकाले जाने के बाद उनकी हालत दयनीय हो गई और वह लोगों के घर जाकर भोजन मांगने लगे। एक दिन गुणनिधि भोजन की तलाश में गांव- गांव भटक रहे थे। लेकिन उन्हें उस दिन किसी ने भोजन नहीं दिया। इसके बाद गुणनिधि भूख और प्यास से परेशान हो गए। भूख और प्यास के कारण गुणनिधि भटकते-भटकते जंगल की और निकल पड़े। जंगल में उन्हें कुछ ब्राह्मण भोग की सामग्री ले जाते हुए दिखाई दिए। भूख की सामग्री को देख गुणनिधि की भूख और भी ज्यादा बढ गई और खाने के लालच में वह ब्राह्मणों के पीछे- पीछे चल दिए। ब्राह्मणों का पीछा करते- करते गुणनिधि एक शिवालय आ पहुंचे। जहां उन्होंने देखा की ब्राह्मण भगवान शिव की पूजा कर रहे थे और भगवान शिव को भोग अर्पित कर भजन कीर्तन में मग्न हो गए। गुणनिधि शिवालय में भोजन चुराने की ताक में बैठे हुए थे।

dhanteras 2021 how the poor brahmin became lord kuber story of god of wealth
kuber shiv (prateekatmak tasveer) - फोटो : istock

रात में चुराया भोजन 

उन्हें भोजन चुराने का मौका रात में तब मिला। जब भजन कीर्तन समाप्त कर सभी ब्राह्मण सो गए थे। गुणनिधि दबें पांव भगवान शिव की प्रतिमा के पास जा पहुंचे । लेकिन वहां पर इतना अंधेरा था कि उन्हें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसलिए उन्होंने एक दीपक जलाया। लेकिन वह दीपक हवा के कारण बुझ गया और यह क्रम बार-बार चलता रहा। जब यह क्रम कई बार चला, तो भोले-भाले और औघड़दानी शंकर ने इसे अपनी दीपाराधना समझ लिया और प्रसन्न होकर गुणनिधि को धनपति होने का आशीष दे डाला।

विज्ञापन

dhanteras 2021 how the poor brahmin became lord kuber story of god of wealth
शिवरात्री - फोटो : self

अनजाने में हुआ महाशिवरात्रि व्रत का पालन 

गुणनिधि भूख से इतने व्याकुल थे कि भोजन चुराकर भागते समय ही उनकी मृत्यु  हो गई। लेकिन अनजाने में उनसे महाशिवरात्रि के व्रत का पालन हो गया था। जिसके कारण वह उस व्रत के शुभ फल के हकदार बन गए थे। अनजाने में महाशिवरात्रि के व्रत का पालन हो जाने की वजह से गुणनिधि अपने अगले जन्म में कलिंग देश के राजा बने। अपने इस जन्म में भी गुणनिधि भगवान शिव के परम भक्त हुए थे। वह सदैव भगवान शिव की भक्ति में खोए रहते थे। उनकी इस कठिन तपस्या और भक्ति को देखकर भगवान शिव उन पर प्रसन्न हुए। यह भगवान शिव की ही माया थी। जिसके कारण एक गरीब ब्राह्मण धन के देवता कुबेर कहलाए और संसार में पूजनीय बन गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed