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किन स्थलों को कहा जाता है चार धाम मिलेगी पूरी जानकारी

Mon, 27 Jul 2020 12:05 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Mon, 27 Jul 2020 12:05 PM IST
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Char Dham name Badrinath Jagannath Puri Rameswaram Dwarka
छोटे चार धाम का महत्व - फोटो : Social media

ज्यादातर लोगों नहीं पता होता है कि चारधामों में कौन से स्थल आते हैं और छोटा चारधाम की यात्रा किसे कहते हैं, इनका महत्व क्या है। कुछ लोग यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा को चारो धाम की यात्रा मानते हैं, लेकिन यह यात्रा एक ही धाम की होती है। इन धामों की यात्रा को छोटा चार धाम कहा जाता है। लेकिन इनका भी बहुत महत्व है तो जानते है क्या है छोटे चार धाम का महत्व और कौन से स्थान चार धाम के अंतर्गत आते हैं।

Char Dham name Badrinath Jagannath Puri Rameswaram Dwarka
बदरीनाथ भगवान विष्णु का धाम है - फोटो : Social media

छोटे चार धाम का महत्व

बदरीनाथ भगवान विष्णु का धाम है तो वहीं केदारनाथ शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में आता है। इस स्थान को शंकर जी के विश्राम का स्थल माना गया है। जबकि युमनोत्री यमुना का उद्गम स्थल है और गंगोत्री गंगा का उद्गम स्थल है, इसके कारण इन स्थानों के दर्शन का विशेष महत्व माना गया है। उत्तर भारत में हिमालय की गोद में बसे होने के कारण इन स्थानों का और भी महत्व माना गया है। इन स्थानों को बहुत ही पवित्र माना गया है। आगे चार धामों के बारे में जानें...

Char Dham name Badrinath Jagannath Puri Rameswaram Dwarka
बदरीनाथ हिमालय पर्वत के शिखर पर बसा है - फोटो : Social media

बदरीनाथ हिमालय पर्वत के शिखर पर बसा है हिंदू धर्म के लोगों के लिए यह आस्था का केंद्र बिंदु है। बद्रीनाथ में चतुर्भुज रूप में शालग्रामशिला से बनी हुई मूर्ति हैं जिसमें भगवान बद्री ध्यान मुद्रा में हैं। माना जाता है कि यहां पर भगवान विष्णु छः माह निद्रा में और छः माह जाग्रत रहते हैं।

बदरीनाथ को आंठवा बैकुंठ भी कहा जाता है। यहां पर विष्णु जी को नर-नारायण के विग्रह रूप में पूजा जाता है। यहां पर अखंड ज्योति प्रजव्लित रहती है। यही पर पवित्र अलकनंदा नदी भी बहती है। माना जाता है कि इस धाम को भगवान श्री राम ने स्थापित किया था। बद्रीनाथ से पहले केदारनाथ के दर्शन करने का बहुत महत्व माना गया है। कहते हैं कि यहां के दर्शन करने से मनुष्य जनम और मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है।

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जगन्नाथ पुरी भारत के ओडिशा में समुद्र तट पर बसा है - फोटो : अमर उजाला

जगन्नाथ पुरी भारत के ओडिशा में समुद्र तट पर बसा है, इस धाम को भी चारों धामों में से एक माना गया है। यह मंदिर भगवान विष्णु के कृष्ण अवतार को समर्पित है। इसकी छटा बहुत ही अद्भुत और मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। यह मंदिर वैष्णव संप्रदाय का है। जगन्नाथ का तात्पर्य होता है सारे जगत के स्वामी..इस मंदिर को सात पवित्र पुरियों में भी सम्मिलित किया गया है। हर वर्ष यहां विशाल जगन्नाथ रथ यात्रा निकलती है। जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और उनकी बहन सुभद्रा अपने भव्य रथों पर विराजमान होते हैं।

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हिंदुओं का पवित्र धाम रमेश्वरम तमिलनाडु के रामनाथपुरम में समुद्र के किनारे है - फोटो : amar ujala

हिंदुओं का पवित्र धाम रमेश्वरम तमिलनाडु के रामनाथपुरम में समुद्र के किनारे है। यह शंख के आकार का द्वीप है। यह स्थल चारो ओर से हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। इसकी छटा निराली है। रामेश्वरम भी शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक है। मान्यता है कि यहां पर प्रभु श्रीराम ने शिवलिंग की स्थापना की थी। कहा जाता है कि यहीं से भगवान राम ने पत्थर के सेतु का निर्माण भी करवाया था। जो महत्व उत्तर भारत में केदारनाथ और काशी का माना जाता है वही महत्व दक्षिण में रामेश्वरम का है।

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