आचार्य चाणक्य कुशाग्र बुद्धि के श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे। ये कूटनीति और राजनीति में कुशल होने के साथ ही अर्थशास्त्र के प्रकांड पंडित थे। इसी कारण ये विष्णु गुप्त और कौटिल्य के नाम से भी विख्यात थे। ये मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। इन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और नीतियों के बल पर ही इतिहास की धारा को बदल कर रख दिया था। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के बाद भी इन्होंने हार नहीं मानी और अपना धैर्य बनाए रखा। अपने धैर्य और बुद्धि से ही इन्होंने अपने शत्रु घनानंद का नाश करके चंद्रगुप्त को गद्दी पर बिठाया। इनके द्वारा कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे गए। अपने जीवन के अनुभव और गहन अध्ययन को इन्होंने मानव हित के लिए निस्वार्थ भाव ग्रंथों के रुप में पिरोया है। इन्हीं में से नीतिशास्त्र की बातें मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहुलुओं पर प्रकाश डालती हैं। यही कारण है कि नीतिशास्त्र की बातें आज भी लोगों के बीच प्रासंगिक हैं। नीति शास्त्र में निजी जीवन से लेकर आर्थिक और सामाजिक जीवन तक महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इसी के अंतर्गत चाणक्य नीति में छह ऐसे लोगों के विषय में बतलाया है जिनके बीच से भूलकर भी नहीं निकलना चाहिए। इनके बीच से निकलने वाले व्यक्ति मूर्ख तो कहलाते ही हैं साथ ही ये मुसीबत में भी पड़ सकते हैं। तो चलिए जानते है इस बारे में विस्तार से।
चाणक्य नीति: भूलकर भी न निकलें इन छह लोगों के बीच से, पड़ सकता है भारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 17 Jun 2021 06:33 AM IST
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