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Chanakya Niti: धन आने के बाद न भूलें ये बातें, अन्यथा धन हो जाता है नष्ट
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Sat, 03 Apr 2021 07:43 PM IST
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आचार्य चाणक्य
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आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ थे। अर्थशास्त्र लिखने के कारण ये कौटिल्य कहलाए। आचार्य चाणक्य के द्वारा लिखित नीतिशास्त्र में उल्लेखित बातें आज के समय में भी प्रासंगिक हैं। आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र के ज्ञाता थे। उन्होंने अपने जीवन में हर तरह की परिस्थितियों का सामना किया था, इसलिए वह धन के महत्व को समझते थे। नीति शास्त्र में धन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। चाणक्य कहते हैं कि धन आने के बाद भी कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए। यदि व्यक्ति इन बातों को ध्यान में नहीं रखता है उसका सारा धन जल्दी ही नष्ट हो जाता है।
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आचार्य चाणक्य
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धन आने पर न करें अहंकार
आचार्य चाणक्य के अनुसार धन आने के बाद भी व्यक्ति को अपने स्वभाव में विनम्रता रखनी चाहिए। धन आने पर व्यक्ति को अपने मन में अहंकार की भावना नहीं लानी चाहिए। अहंकार से बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। जिससे जल्दी ही व्यक्ति के धन का नाश हो जाता है।
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आचार्य चाणक्य
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धन आने पर न करें दिखावा
चाणक्य के अनुसार जो लोग धन आने पर व्यक्ति को कभी दिखावा नहीं करना चाहिए। धन को सदैव संभालकर रखना चाहिए। जो लोग दिखावे में आकर धन की फिजूलखर्ची करते हैं, उनका धन बहुत जल्दी नष्ट हो जाता है और वे समय आने पर पछताते हैं।
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Chanakya Success Mantra
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धन आने पर करें लोक हित के कार्य
धन आने पर व्यक्ति को केवल धन को संचय करके नहीं रखना चाहिए, अपितु कुछ धन लोक कल्याण के कार्य भी लगाना चाहिए। इसके साथ ही बुरे समय के लिए कुछ धन संचय करके भी रखना चाहिए।
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आचार्य चाणक्य
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केवल धन संचय न करें उसे निवेश भी करें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को धन आने पर केवल संचय करके नहीं रखना चाहिए बल्कि उसे सही जगह निवेश करना चाहिए। जो व्यक्ति धन आने के बाद केवल उसे संचय करना चाहता है, उस व्यक्ति का धन धीरे धीरे समाप्त होने लगता है। धन बढ़ाने के लिए उसे सही जगह निवेश करना भी जरूरी है।
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