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चाणक्य नीति: दूसरों के पापों की सजा पाते हैं ये लोग, आप भी रखें ध्यान

Tue, 16 Mar 2021 05:50 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Tue, 16 Mar 2021 05:50 PM IST
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chanakya niti for life people suffer because of these other bad people
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

आचार्य चाणक्य राजनीति और कूटनीति बहुत कुशल थे। वे अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ थे। इसी कारण उन्हें कौटिल्य कहा जाता था। चाणक्य के द्वारा लिखे गए महत्वपूर्ण शास्त्रों में से नीतिशास्त्र लोगों के बीच आज भी बहुत लोकप्रिय है। इसके पीछे वजह है कि नीतिशास्त्र की बातें प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बहुत करीब से स्पर्श करती हैं। चाणक्य नीति में ऐसी स्थितियों के बारे में बताया गया है जब मनुष्य को दूसरों के पापों या गलती का फल भोगना पड़ता है। चाणक्य नें चार प्रकार के लोगों के बारे में बताया है जो दूसरों के द्वारा की गई गलतियों की सजा पाते हैं। जानते हैं कि क्या कहती है चाणक्य नीति। 


 

chanakya niti for life people suffer because of these other bad people
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

आचार्य चाणक्य नीतिशास्त्र में ऐसे लोगों के बारे में बताया है जो एक दूसरे से परस्पर जुड़े होते हैं इसलिए उन्हें एक दूसरे की गलतियों का फल भोगना पड़ता है। सर्वप्रथम चाणक्य कहते हैं कि राजा को राष्ट्र के पापों का फल भोगना पड़ता है। कहने का तात्पर्य यह है कि जब जनता कोई गलत कार्य करती है तो उसका फल प्रशासक को भोगना पड़ता है। इसी तरह से राजा के द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही से न किए जाने के कारण जनता गलत राह पर अग्रसर होती है जिससे उसका फल पूरे राष्ट्र को भोगना पड़ता है। 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

राजा के पाप पुरोहित
पुरोहित का कार्य होता है कि वह राजा को धर्म का मार्ग दिखाए। उसे सही सलाह प्रदान करें। यदि पुरोहित सही प्रकार से अपने कर्तव्य को नहीं निभाते हैं तो उन्हें आने वाले समय में राजा द्वारा कि गई गलतियों की सजा भोगनी पड़ती है।  
 

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

शिष्य के कर्म गुरू को
जब कोई शिष्य अच्छे कार्य करता है तो उसका श्रेय गुरू को जाता है, इसी तरह से जब कोई शिष्य गलत कार्य करता है तो उसका फल गुरू को भोगना पड़ता है। गुरू का कार्य होता है कि वह अपने शिष्य को सही राह दिखाए। उसे सही और गलत के बीच सही को चुनने के लिए प्रेरित करें। यदि शिष्य गलत राह पर चलता है तो इसके दोष गुरू को ही दिया जाता है। 
 

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Chanakya Success Mantra
गलत कर्मों का फल जीवनसाथी को 
पति और पत्नी परस्पर एक दूसरे से जुड़े होते हैं, इसलिए जब पत्नी कोई गलत कार्य करती है तो उसका फल पति को भोगना पड़ता है और जब पति कोई गलत कार्य करता है तो उसका फल पत्नी को भोगना पड़ता है।


 
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