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Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा पर करें ये उपाय, मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर बरसाएंगी कृपा
Thu, 10 Apr 2025 12:33 PM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 10 Apr 2025 12:33 PM IST
सार
माना जाता है कि चैत्र पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस विशेष दिन पर किस प्रकार दीप जलाना चाहिए।
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अमावस्या
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Chaitra Purnima 2025 Diya Upay: इस साल चैत्र पूर्णिमा 12 अप्रैल को है। हिंदू धर्म में यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार पूर्णिमा तिथि का आरंभ 12 अप्रैल को सुबह 3:21 बजे होगा और 13 अप्रैल को सुबह 5:51 बजे इसका समापन होगा। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से व्यक्ति की कई समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। शास्त्रों के अनुसार इस दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में मां लक्ष्मी के समक्ष दीप प्रज्वलित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आर्थिक समृद्धि बढ़ती है और चंद्र व शुक्र ग्रह से जुड़ी बाधाएं भी शांत होती हैं। आइए जानते हैं इस विशेष दिन पर किस प्रकार दीप जलाना चाहिए।
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मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
चैत्र पूर्णिमा पर पीतल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि पीतल मां लक्ष्मी से जुड़ी पवित्र धातु है। दीपक में सामान्य रुई की बाती लगाएं। यदि संभव हो तो गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और इसे मां लक्ष्मी की दाईं ओर रखें। इसके अलावा आप सफेद तिल के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं, लेकिन यह दीपक मां लक्ष्मी की बाईं ओर रखें।
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दीपक जलाने का समय
दीपक जलाने के लिए प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के समय को मां लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। इसी दौरान दीपक जलाकर उनका पूजन करना चाहिए। ध्यान रखें कि दीपक को उत्तर दिशा या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में जलाना चाहिए।
दीपक जलाने के लिए प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के समय को मां लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। इसी दौरान दीपक जलाकर उनका पूजन करना चाहिए। ध्यान रखें कि दीपक को उत्तर दिशा या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में जलाना चाहिए।
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दीपक जलाने के बाद करें यह पाठ
दीप प्रज्वलित करने के बाद कुश या कंबल के आसन पर बैठकर श्रीसूक्त के 16 मंत्रों का पाठ करें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन, सुख-शांति व यश की प्राप्ति होती है। आप चाहें तो यह उपाय हर शुक्रवार को भी कर सकते हैं।
दीप प्रज्वलित करने के बाद कुश या कंबल के आसन पर बैठकर श्रीसूक्त के 16 मंत्रों का पाठ करें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन, सुख-शांति व यश की प्राप्ति होती है। आप चाहें तो यह उपाय हर शुक्रवार को भी कर सकते हैं।
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सफेद तिल के उपाय
सफेद तिल का तेल ज्योतिष में चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रहों से जुड़ा होता है। इसे शरीर पर लगाने से इन ग्रहों से संबंधित दोष शांत होते हैं, जिससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, करियर और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
सफेद तिल का तेल ज्योतिष में चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रहों से जुड़ा होता है। इसे शरीर पर लगाने से इन ग्रहों से संबंधित दोष शांत होते हैं, जिससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, करियर और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।