Chaitra Purnima 2025: चैत्र पूर्णिमा पर करें ये उपाय, मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर बरसाएंगी कृपा
माना जाता है कि चैत्र पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने से धन, सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस विशेष दिन पर किस प्रकार दीप जलाना चाहिए।
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मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
चैत्र पूर्णिमा पर पीतल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि पीतल मां लक्ष्मी से जुड़ी पवित्र धातु है। दीपक में सामान्य रुई की बाती लगाएं। यदि संभव हो तो गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और इसे मां लक्ष्मी की दाईं ओर रखें। इसके अलावा आप सफेद तिल के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं, लेकिन यह दीपक मां लक्ष्मी की बाईं ओर रखें।
दीपक जलाने के लिए प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के समय को मां लक्ष्मी की पूजा के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। इसी दौरान दीपक जलाकर उनका पूजन करना चाहिए। ध्यान रखें कि दीपक को उत्तर दिशा या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में जलाना चाहिए।
दीप प्रज्वलित करने के बाद कुश या कंबल के आसन पर बैठकर श्रीसूक्त के 16 मंत्रों का पाठ करें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन, सुख-शांति व यश की प्राप्ति होती है। आप चाहें तो यह उपाय हर शुक्रवार को भी कर सकते हैं।
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सफेद तिल का तेल ज्योतिष में चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रहों से जुड़ा होता है। इसे शरीर पर लगाने से इन ग्रहों से संबंधित दोष शांत होते हैं, जिससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, करियर और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।