हिंदू पंचांग के अनुसार माह में शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा तिथि पड़ती है। इस बार चैत्र मास की पूर्णिमा 27 अप्रैल 2021 को पड़ रही है। चैत्र पूर्णिमा को चैती पूनम या चैत्र पूर्णमासी के नाम से भी जाना जाता है। पूर्णिमा तिथि पर भगवान नारायण की पूजा और उपवास किया जाता है एवं वहीं रात्रि के समय चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारणा किया जाता है। इस दिन नदी, तीर्थ, सरोवर और पवित्र जलकुंड में स्नान और दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। जानिए चैत्र पूर्णिमा का महत्व, शुभ मुहूर्त और व्रत पूजा विधि...
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Chaitra purnima 2021: बहुत खास होती है चैत्र मास की पूर्णिमा, जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि
Thu, 15 Apr 2021 07:24 AM IST
Shashi Shashi
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 15 Apr 2021 07:24 AM IST
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चैत्र पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला।
चैत्र पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला।
पूर्णिमा तिथि शुभ मुहूर्त-
चैत्र पूर्णिमा तिथि आरंभ- 26 अप्रैल 2021 दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से
चैत्र पूर्णिमा तिथि समाप्त- 27 अप्रैल 2021 सुबह 09 बजकर 01 मिनट पर
चैत्र पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला
चैत्र पूर्णिमा महत्व-
चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को कई मायनों में बहुत खास माना जाता है क्योंकि चैत्र मास हिन्दू वर्ष का प्रथम मास होता है, इसके साथ ही इस दिन हनुमान जयंती भी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज में रास उत्सव रचाया था, जिसे महारास के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करने से जीवन में सुख शांति आती है। इसके साथ ही पवित्र नदी में स्नान करने और दान करने के लिए भी पूर्णिमा तिथि का बहुत महत्व होता है।
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चैत्र पूर्णिमा 2021
चैत्र पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि
- पूर्णिमा तिथि पर सुबह उठकर किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करें। इसके बाद सूर्य देवता को अर्घ्य दें।
- यदि नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- स्नानादि से निवृत्त होने के पश्चात व्रत का संकल्प लें और भगवान सत्य नारायण का पूजन करें।
- पूरे दिन व्रत करने के बाद रात्रि में चंद्रदेव का दर्शन और पूजन करें इसके बाद उन्हें अर्घ्य दें।
- इस दिन दान करने का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन किसी जरूरतमंद को अन्न का दान करना चाहिए।