ईश्वर की पूजा-अर्चना में पुष्पों का बहुत महत्व है। धार्मिक अनुष्ठान,पूजन और आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। स्वयं श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा है-'जो भक्त अधिक पूजन सामग्री न होते भी श्रद्धा भाव से पत्र,पुष्प,फल और जल आदि मुझे अर्पण करता है मैं उस उपहार को स्वीकार कर लेता हूं।' तात्पर्य यह है कि अपने इष्ट के प्रति विश्वास प्रबल है तो एक पुष्प भी पर्याप्त है। फूलों के संबंध में शारदा तिलक नामक पुस्तक में कहा गया है कि देवता का मस्तक सदैव पुष्प से सुशोभित रहना चाहिए। आप जिस देवता की पूजा करते हैं,उन्हें कौन से पुष्प अधिक प्रिय हैं और कौन से अप्रिय हैं,यदि इसका ध्यान रखें तो भक्ति का फल कई गुना बढ़ जाता है।
Puja Vidhi: जानिए किस देवता पर चढ़ता है कौन सा पुष्प ? मनोरथ पूर्ण करने के लिए चुनिए ये फूल
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 14 Jun 2022 01:24 PM IST
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