पुराणों में किसी भी देवी-देवता की खण्डित मूर्ति की पूजा करना वर्जित माना जाता है। लेकिन देश में एक ऐसा मंदिर है जहां पर एक शिवलिंग के दो टुकड़ो की पूजा की जाती है। ऐसा शिवलिंग झारखंड के गोइलकेरा में स्थित है जहां पर पिछले 150 सालों से इस शिवलिंग की पूजा की जाती है। दरअसल इस शिवलिंग के खण्डित होने के पीछे एक अनोखी कथा है।
पिछले 150 वर्षों से यहां हो रही है खंडित शिवलिंग की पूजा, जानिए क्यों?
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:42 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन