शास्त्रों में श्री कृष्ण की लीलाओं के बारे में बहुत सी कहानियां बताई गई हैं। ये भी कहा गया है कि भगवान कृष्ण की 16,108 पत्नियां थीं। दरअसल श्री कृष्ण का इन सभी पत्नियों से कैसा संबंध था और कैसे एक साथ श्री कृष्ण ने हजारों कन्याओं से एक साथ विवाह किया यह अपने आप में अद्भुत कथा है।
तो यह है श्री कृष्ण की 16,108 रानियों का रहस्य?
2 of 10
जनमाष्टमी
- फोटो : getty images
वैसे तो श्रीकृष्ण राधा से प्रेम करते थे लेकिन उन्होंने शादी रुक्मणि से की। रुक्मणि उनकी पहली पत्नी थीं। श्रीकृष्ण ने रुक्मणि के कहने पर उनका अपहरण किया था। इसके बाद उनकी शादी हुई थी। रुक्मणि विदर्भ के राजा भीष्मक की बेटी थीं। रुक्मणि ने मन ही मन कृष्ण को अपना पति मान लिया था। लेकिन रुक्मणि के भाई उनका विवाह चेदिराज शिशुपाल के साथ करना चाहते थे। रुक्मणि इस बात के लिए नहीं मानीं और अपने दिल की बात कृष्ण से कह दी। कृष्ण ने रुक्मणि की इच्छा पूरी की।
तो यह है श्री कृष्ण की 16,108 रानियों का रहस्य?
3 of 10
जनमाष्टमी
- फोटो : getty images
कृष्ण की दूसरी पत्नी जांबवती थी। वह निशादराज जाम्बवान की बेटी थीं। उनकी तीसरी पत्नी सत्राजीत की बेटी सत्यभामा हुईं। दरअसल सत्राजीत ने कृष्ण पर कई आरोप लगा लेकिन वो सभी आरोप झूठे निकले। इससे सत्राजीत को बहुत शर्मिंदगी हुई और उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह कृष्ण से कर दिया।
तो यह है श्री कृष्ण की 16,108 रानियों का रहस्य?
4 of 10
जनमाष्टमी
- फोटो : getty images
इसके बाद कृष्ण ने एक स्वयंवर में भाग लिया। वहां राजकुमारी मित्रबिंदा ने उन्हें वरमाला पहनाकर उनसे विवाह रचाया। जो उनकी चौथी पत्नी बनीं। इसके बाद कौशल के राजा नग्नजीत के सात बैलों को कृष्ण ने एक साथ गिरा दिया। ये देखकर राजा नग्नजीत बहुत खुश हुए और उन्होंने अपनी बेटी सत्या से विवाह कृष्ण से कर दिया। इसके बाद कैकेय की राजकुमारी भद्रा से उनका विवाह हुआ।
तो यह है श्री कृष्ण की 16,108 रानियों का रहस्य?
5 of 10
जनमाष्टमी
- फोटो : getty images
कृष्ण की छठी पत्नी भद्रदेश की राजकुमारी लक्ष्मणा हुईं हैं। लक्ष्मणा कृष्ण को चाहने लगी थीं, लेकिन उनका परिवार कृष्ण के साथ विवाह के खिलाफ था। इसलिए कृष्ण को लक्ष्माणा का भी अपहरण करना पड़ा।