{"_id":"57b834fb4f1c1ba2506ed734","slug":"god-krishna-five-steps-for-people","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कृष्ण के पांच कदम जिन्होंने बदला देश, इनकी आज भी है जरूरत","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
कृष्ण के पांच कदम जिन्होंने बदला देश, इनकी आज भी है जरूरत
Wed, 24 Aug 2016 12:42 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:42 PM IST
विज्ञापन
1 of 6
जनमाष्टमी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
महाभारत काल में समाज के संतुलन के लिए कृष्ण ने अर्जुन को युद्घ लड़ने के लिए प्रेरित किया था। उस ज्ञान को आज लोग भूल चुके हैं और इसीलिए भारत पूरी तरह से भ्रष्ट हो गया है। भेदभाव और शोषण इतना बढ़ गया है कि अब इसके खिलाफ लड़ना जरूरी है। आइए जानते हैं कृष्ण के वो पांच कदम जिनकी हमें आज भी जरूरत है।
कृष्ण के वो पांच कदम जिनकी आज भी है जरूरत
2 of 6
युद्ध रणनीति- अर्जुन मैदान में पहुंचे तो उन्हें अपनों के मारे जाने का डर था। तब कृष्ण ने उन्हें समझाया कि अगर आज तुम उन्हें छोड़ दोगे तो वो तुम्हारा अस्तित्व समाप्त कर देंगे। आज हमारे अंदर काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार जैसे विकार बढ़ गए हैं। ये हमारे अपने ही हैं। अर्जुन की तरह हमें भी ज्ञान धारण कर इन विकारों को समाप्त करना होगा। नहीं तो ये हमारे पतन का कारण बनेंगे।
कृष्ण के वो पांच कदम जिनकी आज भी है जरूरत
3 of 6
सत्य का साथ- बचपन से सुनते आए हैं कि झूठ बोलना पाप है। लेकिन इस पर अमल आज तक नहीं किया। लोग झूठ बोलने से पहले एक बार सोचते भी नहीं। शायद आधी से ज्यादा परेशानियों का कारण हमारा झूठ बोलना ही है। झूठ बोलना भी एक बुरा कर्म है। जिसका फल भी हमें बुरा ही मिलता है। सत्य की राह में भीड़ कम होती है इसलिए हमेशा इसी रास्ते पर चलें।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृष्ण के वो पांच कदम जिनकी आज भी है जरूरत
4 of 6
जनमाष्टमी
निस्वार्थ प्रेम- कृष्ण ने राधा से निस्वार्थ प्रेम किया। ऐसे ही प्रेम की जरूरत आज संसार को है। हम अपने घर में ही देखें तो कलह होना आम बात हो गई है। दहेज और लोभ के लिए प्रेम किया जाने लगा है। ऐसा रोकने की जरूरत है।
विज्ञापन
कृष्ण के वो पांच कदम जिनकी आज भी है जरूरत
5 of 6
जनमाष्टमी
गीता का सार- कृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि जो आज तुम्हारा है वो कल किसी और का होगा इसलिए मोह न करो। जो है वो आज है कल की चिंता कर आज खराब मत करो। इंसान रोज गीता पढ़ता है लेकिन कुछ सीखता नहीं। वो घमंड में इतना चूर है कि अपने आगे किसी को कुछ समझता नहीं। दूसरों को नीचा दिखाने में इंसान को मजा आने लगी है। हमें फिर से कृष्ण के इस संदेश को खुद में धारण करने की जरूरत है। तभी कलियुग में चल रही इस महाभारत को समाप्त कर सकेंगे।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।