Vivah Panchami 2024: विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ पर्व है, जो भगवान राम और माता सीता के विवाह के उपलक्ष में मनाया जाता है। यह त्योहार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक दृष्टि से इस पर्व का विशेष महत्व है। वर्ष 2024 में विवाह पंचमी का पर्व 6 दिसंबर को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान राम और सीता जी के आदर्श वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है।
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Vivah Panchami 2024: विवाह पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, पूजा हो सकती है विफल
Thu, 05 Dec 2024 01:04 PM IST
ज्योति मेहरा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Thu, 05 Dec 2024 01:04 PM IST
सार
विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ पर्व है, जो भगवान राम और माता सीता के विवाह के उपलक्ष में मनाया जाता है। इस दिन कुछ विशेष कार्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
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Vivah Panchami Dos And Don't
- फोटो : Amar Ujala
विवाह पंचमी पर क्या करें?
- फोटो : adobe stock
विवाह पंचमी पर क्या करें?
विवाह पंचमी के दिन कुछ विशेष कार्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
विवाह पंचमी के दिन कुछ विशेष कार्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
- गंगा स्नान और दान-पुण्य: विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा के अलावा पवित्र नदी में स्नान करना और गरीबों को दान देना बेहद शुभ माना जाता है। यह व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाता है।
- सात्विक भोजन ग्रहण करें: विवाह पंचमी के दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए। इसमें प्याज, लहसुन और मांसाहार का सेवन करना वर्जित होता है।
- भजन-कीर्तन और मंत्र जाप: इस दिन राम और सीता के मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन करें। कुंवारी कन्याएं 108 बार जानकी मंत्र का जाप कर सकती हैं, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है।
विवाह पंचमी पर क्या न करें?
- फोटो : freepik
विवाह पंचमी पर क्या न करें?
इस शुभ दिन पर कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए, ताकि आपकी पूजा का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।
इस शुभ दिन पर कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए, ताकि आपकी पूजा का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।
- मांस-मदिरा का सेवन न करें: विवाह पंचमी के दिन अंडा, मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन पूरी तरह वर्जित है।
- बाल और नाखून न काटें: विवाह पंचमी के दिन बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है।
- जुआ और अन्य बुरे कर्म न करें: इस दिन जुआ खेलने और अन्य गलत कार्यों से दूर रहें। यह न केवल अशुभ होता है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अनुचित माना जाता है।
- वाद-विवाद से बचें: अपने जीवनसाथी या परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इस दिन किसी भी प्रकार के झगड़े या बहस से बचें।
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विवाह पंचमी का महत्व
- फोटो : Adobe
विवाह पंचमी का महत्व
विवाह पंचमी का दिन जीवन के आदर्श मूल्यों को अपनाने का संदेश देता है। भगवान राम और सीता का विवाह एक आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है। उनका संबंध समर्पण, सम्मान और प्रेम पर आधारित था, जिसे देखकर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। इस दिन भगवान राम और माता सीता की विशेष पूजा-अर्चना से व्यक्ति को जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह पंचमी पर दान-पुण्य करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
विवाह पंचमी का दिन जीवन के आदर्श मूल्यों को अपनाने का संदेश देता है। भगवान राम और सीता का विवाह एक आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक है। उनका संबंध समर्पण, सम्मान और प्रेम पर आधारित था, जिसे देखकर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। इस दिन भगवान राम और माता सीता की विशेष पूजा-अर्चना से व्यक्ति को जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह पंचमी पर दान-पुण्य करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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विवाह पंचमी 2024
- फोटो : freepik
विवाह पंचमी के दिन देशभर के राम मंदिरों में भव्य समारोह आयोजित किए जाते हैं। विशेष रूप से अयोध्या, जनकपुर, और अन्य पवित्र स्थलों पर इस दिन का बड़ा महत्व होता है। यहां भजन-कीर्तन, रामायण पाठ, और विवाह उत्सव का मंचन भी किया जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।