Vinayak chaturthi 2024: गणेश जी सभी देवताओं में प्रथम पूज्य हैं। उन्हें शुभता का प्रतीक माना जाता है। भगवान गणेश भक्तों के विघ्नहर्ता माने जाते हैं। मान्यता है कि विनायक चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से ज्ञान और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। हर माह में दो चतुर्थी तिथि पड़ती है। पहली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी जिसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं, दूसरी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। यह दोनों ही चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है।
Vinayak Chaturthi 2024: अप्रैल माह में विनायक चतुर्थी कब ? नोट कर लें मुहूर्त, डेट और पूजा विधि
Vinayak Chaturthi 2024: गणेश जी सभी देवताओं में प्रथम पूज्य हैं। उन्हें शुभता का प्रतीक माना जाता है। भगवान गणेश भक्तों के विघ्नहर्ता माने जाते हैं।
विनायक चतुर्थी 2024 पूजा मुहूर्त
विनायक चतुर्थी के दिन गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आपको पूजा के लिए 2 घंटे से अधिक का समय प्राप्त होगा।
विनायक चतुर्थी 2024 चंद्रोदय समय
12 अप्रैल को विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रोदय सुबह 08 बजकर 19 मिनट पर होगा और चंद्रास्त रात 11:00 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा ना देखें क्योंकि इस व्रत में चंद्रमा का दर्शन वर्जित होता है।
- विनायक चतुर्थी के शुभ दिन पर आप पहले सुबह स्नान कर लें।
- गणेश जी की मूर्ति को एक चौकी पर स्थापित करें। बाद में उनका जलाभिषेक करें।
- इस दौरान भगवान गणेश को चंदन का तिलक लगाएं।
- भगवान गणेश जी को वस्त्र, कुमकुम, धूप, दीप, लाल फूल अक्षत, पान, सुपारी आदि अर्पित करें।
- गणेश जी को मोदक और दूर्वा घास बेहद पसंद है, ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन मोदक या लड्डू का भोग जरूर लगाएं।
- विनायक चतुर्थी के दिन मूषक पर सवार गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर की पूजा करें।
- भगवान गणेश को मोदक बेहद प्रिय है इस दौरान मोदक का भोग लगाएं। इससे आपकी मनोकामना जरूर पूरी होगी।
- विनायक चतुर्थी को पूजा के समय गणेश जी को दूर्वा की 5 या 21 गांठ ''इदं दुर्वादलं ऊं गं गणपतये नमः'' मंत्र के साथ अर्पित करें।
- इस दिन गणेश जी को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं ।
- इस दिन पूजा के समय गणेश जी को शमी के पत्ते अर्पित करें। इससे आपकी हर मनोकामनाएं पूरी करेंगे।