Vat Purnima Vrat 2026: शास्त्रों में वट पूर्णिमा व्रत को सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस तिथि पर किया गया उपवास रिश्तों में प्रेम-विश्वास को बढ़ाता है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून को है और इसी तिथि पर वट पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। इस दिन शुक्ल योग और ब्रह्म योग का शुभ संयोग बन रहा है। मान्यता है कि, इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से वट पूर्णिमा का व्रत रखती हैं। इसके प्रभाव से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस तिथि पर बरगद के वृक्ष और माता सावित्री की पूजा करने से रिश्तों में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। माना जाता है कि, पूजा के दौरान कुछ विशेष सामग्रियों का होना आवश्यक होता है। आइए जानते हैं वट पूर्णिमा पूजन सामग्री और शुभ मुहूर्त।
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Vat Purnima Vrat 2026: वट पूर्णिमा पर इन खास चीजों से करें पूजा, मिलेगा अखंड सौभाग्य और सुखी जीवन का आशीर्वाद
Tue, 16 Jun 2026 03:49 PM IST
मेघा कुमारी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Tue, 16 Jun 2026 03:49 PM IST
सार
Vat Purnima Vrat 2026: पंचांग के अनुसार, इस साल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 29 जून को सुबह 03:06 बजे होगी और यह 30 जून को सुबह 05:26 बजे तक रहेगी। इसलिए 29 जून को ही वट पूर्णिमा मान्य होगी।
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Vat Purnima Vrat 2026
- फोटो : अमर उजाला
Vat Purnima Vrat 2026
- फोटो : adobe
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4:06 बजे से 4:46 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:57 बजे से 12:52 बजे तक
- सायं संध्या - शाम 7:23 बजे से 8:23 बजे तक
- अमृत काल – रात 8:53 बजे से 10:40 बजे तक
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Vat Purnima Vrat 2026
- फोटो : freepik
वट पूर्णिमा पूजा सामग्री
- दूध, दही, घी, शहद, चीनी, गेहूं, चना दाल, भीगा काला चना, सप्तधान्य, पंचमेवा
- दीपक, फूल, फूलों की माला, गुलाब की पंखुड़ियां, बाती,
- देसी घी, कपूर, धूपबत्ती,पान के पत्ते, सुपारी, लौंग, इलायची, तुलसी दल
- पीला कपड़ा, केले का पत्ता, आम के पत्ते,
- बताशे, हल्दी,सिंदूर, चंदन, मेहंदी, काजल
- कच्चा सूत, मिट्टी का दिया,कुमकुम, रोली, अक्षत, पूजा की थाली, चौकी
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Vat Purnima Vrat 2026
- फोटो : अमर उजाला
- कलावा, मौली, सफेद सूत, वट वृक्ष की डाल
- सूखे मेवे, मौसमी फल, नारियल, मिठाई,
- खीर या प्रसाद, तांबे का लोटा, शुद्ध जल,
- गंगाजल, पंचामृत, कलश
- मिट्टी का घड़ा, बांस का पंखा, पान-सुपारी थाली,
- दक्षिणा के रुपए, अगरबत्ती, लकड़ी का पट्टा, पूजा वस्त्र