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शनि जयंती 2018: हर शनि भक्त को जरूर पता होनी चाहिए शनिदेव से जुड़ी ये 9 बातें

Sun, 13 May 2018 07:51 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 13 May 2018 07:51 AM IST
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shani jayanti 2018 must know about these 9 things related to shani dev
shani dev

15 मई, मंगलवार को शनि जयंती है। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को भगवान शनि का जन्म हुआ था। अगर आप के ऊपर भी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप चल रहा है तो इस 15 मई  2018 को शनि के कुछ उपाय करने से शनिदेव आपके ऊपर प्रसन्न हो सकते हैं। आइए जानते हैं शनिदेव से जुड़ी कुछ रोचक बातें जिसको हर शनि भक्त को मालूम होना चाहिए।

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शनिदेव के पिता का नाम सूर्यदेव और माता का नाम छाया है। छाया भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थीं और वह अपने गर्भ में पल रहे शनि की चिंता किए बगैर भगवान शिव की तपस्या में हमेशा लीन रहती थीं। इस कारण से ना तो वह खुद अपना और ना ही गर्भ में पल रहे अपने बच्चे का ध्यान रख पाती थीं। जिसके कारण से शनि काले और कुपोषित पैदा हुए।

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शनिदेव को सभी नौ ग्रहों में सबसे श्रेष्ठ होने का आशीर्वाद भगवान शिव से मिला है। इनकी दृ्ष्टि से मनुष्य क्या देवता भी भयभीत रहते हैं।

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12 साल तक के बच्चों पर शनि का प्रकोप नहीं रहता है। इसके पीछे पिप्पलाद मुनि और शनि के बीच हुए युद्ध का कारण है। पिप्पलाद मुनि ने युद्ध में शनि को परास्त कर दिया और इस शर्त पर छोड़ा कि वे 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं देगें।

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शनि पूजन

भगवान शनि के धीमी और लंगड़ा कर चलने के पीछे पिप्पलाद मुनि का कोप ही है। पिप्लाद मुनि अपने पिता की मृत्यु के लिए शनिदेव को दोषी मानते थे। पिप्पलाद मुनि ने शनि पर ब्रह्रादण्ड का प्रहार किया। शनि यह प्रहार सहन करने असमर्थ थे जिस कारण से शनि तीनों लोकों में दौड़ने लगे। इसके बाद ब्रह्रादण्ड ने उन्हें लंगड़ा कर दिया।

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