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Sawan Somwar 2021: इस दिन है सावन का पहला सोमवार व्रत, जानें तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Fri, 16 Jul 2021 06:35 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Fri, 16 Jul 2021 06:35 AM IST
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Sawan Somwar 2021 Dates vrat vidhi and katha
सावन सोमवार व्रत 2021 - फोटो : अमर उजाला
Sawan Somwar 2021: सावन का महीना 25 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है और 22 अगस्त 2021 को समाप्त होगा। धार्मिक दृष्टि से सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है और इस महीने पड़ने वाले सोमवार व्रत भी विशेष होते हैं। इस बार श्रावण माह में 4 सोमवार पड़ रहे हैं और सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को पड़ रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। आइए जानते हैं सावन सोमवार व्रत विधि और तिथियां।
Sawan Somwar 2021 Dates vrat vidhi and katha
सावन सोमवार 2021 की तिथियां - फोटो : अमर उजाला
सावन सोमवार 2021
दिन  तारीख
सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई 
सावन का दूसरा सोमवार 02 अगस्त
सावन का तीसरा सोमवार 09 अगस्त
सावन का चौथा सोमवार 16 अगस्त 
Sawan Somwar 2021 Dates vrat vidhi and katha
सावन सोमवार व्रत विधि - फोटो : अमर उजाला।
सावन सोमवार व्रत विधि
  • सावन सोमवार के दिन जल्दी उठकर स्नान करें।
  • शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें। 
  • साथ ही माता पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं।
  • पंचामृत से रुद्राभिषेक करें, बिल्व पत्र अर्पित करें।
  • शिवलिंग पर धतूरा, भांग, आलू, चंदन, चावल चढ़ाएं और सभी को तिलक लगाएं।
  • प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी शक्कर का भोग लगाएं।
  • धूप, दीप से गणेश जी की आरती करें। 
  • अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
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Sawan Somwar 2021 Dates vrat vidhi and katha
सावन सोमवार व्रत नियम - फोटो : सोशल मीडिया
सावन सोमवार व्रत नियम

शिवजी की पूजा में केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि केतकी के फूल चढ़ाने से भगवान शिवजी नाराज होते हैं। इसके अलावा, तुलसी को कभी भी भगवान शिवजी को अर्पित नहीं किया जाता है। साथ ही शिवलिंग पर कभी भी नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिवजी को हमेशा कांस्य और पीतल के बर्तन से जल चढ़ाना चाहिए।

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Sawan Somwar 2021 Dates vrat vidhi and katha
सावन माह से जुड़ी पौराणिक कथा - फोटो : SOCIAL MEDIA
सावन माह से जुड़ी पौराणिक कथा

देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को कैलाशपति भगवान शिव जी ने पी लिया था। विष के प्रभाव से उनका शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया था जिससे शिवजी को काफी परेशानी होने लगी थी। भगवान शिव को इस परेशानी से बाहर निकालने के लिए इंद्रदेव ने जमकर वर्षा की। कहते हैं कि यह घटनाक्रम सावन के महीने में हुआ था। इस प्रकार से शिव जी ने विषपान करके सृष्टि की रक्षा की थी। तभी से यह मान्यता है कि सावन के महीने में शिव जी अपने भक्तों का कष्ट अति शीघ्र दूर कर देते हैं।

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