फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शुभ योग में सावन शिवरात्रि, शिव जी की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

Mon, 01 Aug 2016 08:20 AM IST
पं जयगोविन्द शास्त्री
पं जयगोविन्द शास्त्री Updated Mon, 01 Aug 2016 08:20 AM IST
विज्ञापन
sawan shivratri importance
महाशिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला

यूं तो सनातन धर्म में सृष्टि संहार के स्वामी श्रीरूद्र की उपासना के लिए श्रावण माह को सर्वाधिक पुण्य फलदाई माना गया है, लेक‌िन इस वर्ष पड़ने वाली 'श्रावण शिवरात्रि' को सोमवार दिन भी है इसलिए यह 'अमृतयोग' तुल्य शुभ मुहूर्त योग बन गया है ऐसे में श‌िव भक्तों को इस दिन शिवोपासना और रुद्राभिषेक का कोई भी सुअवसर खोना नहीं चाहिए।

sawan shivratri importance
shivling - फोटो : demo
सम्पूर्ण श्रावणमाह में शिव-शक्ति पृथ्वी पर ही निवास करते हैं इसल‌िए सभी देव-दनुज, नाग, यक्ष, गंधर्व, किन्नर, शिवगण, शिव भक्त आदि 'शिवः अभिषेक प्रियः, श्रावणे पूजयेत शिवम्' आदि-आदि सूक्तिओं के संकेत से भगवान् रूद्र की आराधना एवं अभिषेक करते हैं।

शुभ योग में सावन श‌िवरात्र‌ि, श‌िव जी की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

sawan shivratri importance
श‌िव दूध स्नान

इस माह के आरम्भ होते ही शिवभक्त कांवडि़ये हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख से गंगाजल भरकर कांवड़ उठाए अपने-अपने घर को लौटते हैं। मार्ग में इन शिवभक्तों द्वारा ॐ नमः शिवाय, बोल बम, 'बम-बम भोले' आदि के उद्घोष से पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। वेदों के अनुसार 'मुमुक्षुः तीर्थ वारिणाः'| शिवरात्रि के दिन किसी भी तीर्थजल, समुद्रजल, गंगाजल से अभिषेक शिव को अतिशय प्रिय है, किन्तु गंगाजल के द्वारा भगवान शंकर का अभिषेक सर्वोत्तम माना गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

शुभ योग में सावन श‌िवरात्र‌ि, श‌िव जी की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

sawan shivratri importance
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ता दूध - फोटो : amar ujala

ऋषियों का कहना है कि 'भावी मेट सकहिं त्रिपुरारी। अर्थात- ब्रह्मा जी द्वारा प्राणियों के भाग्य में लिखा गया त्रिबिध दुःख भी भगवान् शिव ही समाप्त कर सकते हैं। जो श्रद्धालु मंदिर नहीं जा पाते हैं, वे घर में ही रखे शिव परिवार का अभिषेक कर सकते हैं सभी गृहस्थ शिवभक्तों को इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि घर में दो शिवलिंग न हों और अभिषेक करने के समय शिव परिवार के सभी सदस्य, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी एवं आभूषण नागदेवता सभी शिवलिंग के चारों ओर विराजमान रहें।

विज्ञापन

शुभ योग में सावन श‌िवरात्र‌ि, श‌िव जी की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

sawan shivratri importance
शिव मंदिर पर पूजा करते आस्थावान ।

वैरागियों, साधुसंतों, बालब्रह्मचारियों, घर-पारिवार से मुक्त शिवभक्तों के लिए ऐसा करना अनिवार्य नहीं है, वे केवल शिवलिंग की ही पूजा करते हैं, उनके लिए कहा गया है कि 'शिवलिंगेपि सर्वेषां देवानां पूजनं भवेत' अर्थात शिवलिंग पर ही सभी देवों का भी अभिषेक करें। शुक्ल यजुर्वेद में विभिन्न द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक करने का फल बताया गया है। भगवान रूद्र को भस्म, लाल चंदन, रुद्राक्ष, आक का फूल, धतूरा फल, बिल्व पत्र और भांग विशेष रूप से प्रिय हैं अतः इन्ही पदार्थों से श्रावण शिवरात्रि सोमवार 1अगस्त को शिवपूजन करें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed