Sawan Purnima 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन माह की पूर्णिमा 19 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। इस दिन सावन का सोमवार होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त को सुबह 03 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, यह तिथि रात्रि 11 बजकर 55 मिनट तक मान्य रहेगी। सावन पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय शाम 06: बजकर 56 पर है। इस समय आप चंद्रदेव की पूजा कर सकते हैं। श्रावण माह की पूर्णिमा का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस दिन कुछ उपाय करने से भगवान शिव की कृपा मिलती हैं एवं जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
Sawan Purnima 2024: श्रावण पूर्णिमा कल, सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय
रुद्राभिषेक
इस बार श्रावण पूर्णिमा के दिन सोमवार भी है। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। रुद्राभिषेक में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर आदि से अभिषेक किया जाता है। इसके साथ ही 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप किया जाता है। रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, और उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
उपवास रखने का विशेष महत्व
श्रावण पूर्णिमा के दिन व्रत रखने की भी अत्यधिक मान्यता है। इस दिन भगवान शिव एवं लक्ष्मी-नारायण की उपासना के लिए उपवास रखने से विशेष फल प्राप्त होता है। व्रत के दौरान फलाहार किया जाता है। व्रत रखने से व्यक्ति के सभी दुख-दर्द समाप्त होते हैं, और जीवन में सुख और शांति का आगमन होता है।
दक्षिणावर्ती शंख का पूजन
श्रावण पूर्णिमा पर दक्षिणावर्ती शंख का पूजन करना शुभ माना जाता है। शंख भगवान विष्णु का प्रतीक है, इसकी पूजा करने से देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। इस शंख में गंगाजल भरकर भगवान विष्णु पर चढ़ाने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही, दक्षिणावर्ती शंख को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप
श्रावण पूर्णिमा पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती हैं। 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' इस मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव की पूजा करने से सभी रोग और दोष समाप्त होते हैं। यह मंत्र विशेष रूप से जीवन में आने वाले संकटों को दूर करता है और भगवान शिव की कृपा से समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।