सावन का महीना भोलेनाथ को बहुत ही प्रिय है। सावन में चारों और भक्ति का माहौल होता है पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है। यह माह भक्तों के लिए विशेष उत्साह लेकर आता है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि सावन में भगवान शिव की पूजा करने से वे भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं लेकिन सावन माह में कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना अति आवश्यक होता है। आइए जानते हैं क्या है वे नियम..
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शिव के अभिषेक में न करें हल्दी का प्रयोग
- फोटो : अमर उजाला।
सावन के माह में सभी भक्त भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि शिवजी के अभिषेक में हल्दी का प्रयोग न करें शिवजी की पूजा में हल्दी का प्रयोग वर्जित माना गया हैं, क्योंकि हल्दी को सौंदर्य और स्त्रीतत्व का प्रतीक माना गया है।
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सावन में न करें बैगन का सेवन
सावन के माह में बैगन का सेवन वर्जित रहता है क्योंकि शास्त्रों में बैगन को अशुद्ध माना गया है, साथ सावन के माह में बैगन में कीड़े लगने की आशंका भी रहती है। इसलिए इसका स्वास्थ पर बुरा असर हो सकता है। द्वादशी, चतुर्दशी और कार्तिक मास में भी बैगन खाने की मनाही होती है।
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सावन में दूध का सेवन न करें
सावन के माह में व्रत रखने वालों के लिए दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। इसकी धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान शिव के अभिषेक में दूध का प्रयोग किया जाता है। इन दिनों दूध पीने से पित्त की मात्रा बढ़ती है। इसलिए स्वास्थ के हिसाब से भी इन दिनों दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर दूध का सेवन करना भी है तो उबाल कर ही करें। कच्चे दूध का सेवन न करें।
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सावन 2020
- फोटो : अमर उजाला
सावन का महीना पवित्र होता है इसलिए सावन के माह में ब्रह्मचार्य का पालन करना आवश्यक होता है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति को यातना मिलती है और अगले जन्म नें वह पशु योनि में जन्म लेता है।