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Kamika Ekadashi 2020: कब है कामिका एकादशी, जानिए मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Mon, 06 Jul 2020 01:11 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Mon, 06 Jul 2020 01:11 PM IST
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Know about Kamika Ekadashi 2020 Puja Vidhi and Vrat
कामिका एकादशी 2020 (फाइल फोटो)

हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की 11वीं तिथि के दिन एकादशी मनाई जाती है। इस बार कामिका एकादशी 16 जुलाई गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी कहा जाता है। यह तिथि भगवान श्री हरि यानि विष्णु जी को समर्पित होती है। हर माह में दो पक्ष होते हैं, जिसके कारण एक एकादशी शुक्ल पक्ष में दूसरी कृष्ण पक्ष में पड़ती है। इस तरह से एक वर्ष में लगभग 24 एकादशी पड़ती हैं।

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कामिका एकादशी 2020 (फाइल फोटो)

एकादशी व्रत का महत्व

एकादशी का व्रत करने से समस्त पापों से मुक्ति प्राप्त होती है भगवान विष्णु सभी कष्टों को दूर करते हैं। कामिका एकादशी का व्रत करने से मनोवांचित फलों की प्राप्ति होती है। एकादशी के दिन  तीर्थस्थलों में स्नान, दान का भी प्रावधान है। कामिका एकादशी व्रत के फल को अश्वमेघ यज्ञ से मिलने वाले फल के बराबर माना गया है।

कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन करने से पित्त प्रसन्न होते हैं। जिससे व्यक्ति के जीवन में आने वाले कष्ट दूर होते हैं। इस एकादशी के दिन जो लोग सावन माह में भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, माना जाता है कि उनके द्वारा गंधर्वों और नागों की पूजा भी संपन्न हो जाती है। कामिका एकादशी की कथा सुनने मात्र से ही यज्ञ करने के समान फल मिलता है। जानिए क्या है शुभ मुहूर्त

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कामिका एकादशी शुभ मुहूर्त (भगवान विष्णु)

कामिका एकादशी का शुभ मुहूर्त

कामिक एकादशी 15 जुलाई को रात 10 बजकर 23 मिनट से आरंभ होगी और 16 जुलाई रात 11 बजकर 47 मिनट पर संपन्न होगी। 17 जुलाई को सुबह 5 बजकर 59 मिनट से 8 बजकर 10 के बाद व्रत का पारण किया जाएगा। आगे जानिए क्या है व्रत की विधि...

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कामिका एकादशी व्रत की विधि (भगवान विष्णु)

कामिका एकादशी व्रत की विधि

एकादशी के दिन व्रत रखने वाले भक्त व्रत रखने से एक दिन पहले दोपहर के समय भोजन कर लेते हैं। लेकिन रात को भोजन ग्रहण नहीं करते हैं। ताकि व्रत वाले दिन पेट में कोई भी अवशिष्ट भोजन न हो। एकादशी के दिन निर्जल रहकर आठों प्रहर तक भगवान विष्णु जी के नाम का स्मरण एवं भजन कीर्तन करना चाहिए और अगले दिन सूर्योदय के बाद पूजा पाठ आदि करने और ब्राह्मणों को भोजन करवाने के उपरांत व्रत का पारण करें।

एकादशी व्रत के दौरान सभी प्रकार के अनाज का सेवन पूरी तरह से वर्जित होता है। जो लोग एकादशी व्रत नहीं रखते हैं उनको भी एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से विष्णु जी कि कृपा प्राप्त होती है। जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ कामिका एकादशी का व्रत करता है, भगवान विष्णु उसकी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।

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