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Hariyali Teej 2025: दुर्लभ योग में हरियाली तीज आज, पहली बार व्रत रखे रहे हैं तो जानें सही विधि और पूजा नियम

Sun, 27 Jul 2025 07:09 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 27 Jul 2025 07:09 AM IST
सार

Hariyali Teej Vrat Niyam: इस वर्ष हरियाली तीज और भी खास है क्योंकि इस दिन रवि योग बन रहा है, जो व्रत के प्रभाव को और अधिक शुभ बनाता है। अगर आप पहली बार हरियाली तीज का व्रत रखने जा रही हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

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Rare Ravi Yoga on Hariyali Teej Know Puja Method and Rules for First-Time Vrat Observers
Hariyali Teej Vrat Rules - फोटो : Amar Ujala

Rare Ravi Yoga on Hariyali Teej : हरियाली तीज हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, प्रेम और पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और भगवान शिव व माता पार्वती की भक्ति के साथ पूजा करती हैं। यह व्रत खासतौर पर दांपत्य जीवन में खुशहाली लाने वाला माना जाता है।


Hariyali Teej: हरियाली तीज पर भूलकर भी न करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा व्रत का फल
इस वर्ष हरियाली तीज और भी खास है क्योंकि इस दिन रवि योग बन रहा है, जो व्रत के प्रभाव को और अधिक शुभ बनाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज सावन महीने की शुक्ल तृतीया तिथि को पड़ती है, जो 26 जुलाई शनिवार की रात 10:41 बजे शुरू होकर 27 जुलाई रविवार की रात 10:41 बजे तक रहेगी। लेकिन उदय तिथि के आधार पर यह तीज 27 जुलाई रविवार को मनाई जाएगी। अगर आप पहली बार हरियाली तीज का व्रत रखने जा रही हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे कि व्रत का सही समय, भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा, सच्चे मन से भक्ति करना और व्रत के नियमों का पालन करना। इससे व्रत सफल होगा और आपके दांपत्य जीवन में सुख-शांति और प्रेम की वृद्धि होगी।Putrada Ekadashi 2025: कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण का समय और महत्व

Rare Ravi Yoga on Hariyali Teej Know Puja Method and Rules for First-Time Vrat Observers
हरियाली तीज की पूजा करते समय मां पार्वती को कुछ खास वस्तुएं जरूर चढ़ाएं। - फोटो : amarujala

माता पार्वती का श्रृंगार का सामान
हरियाली तीज की पूजा करते समय मां पार्वती को कुछ खास वस्तुएं जरूर चढ़ाएं। पूजा के लिए श्रृंगार का सामान जैसे हरे रंग की साड़ी या हरी-लाल चुनरी रखें। इसके अलावा सिंदूर, कंघी, बिछुआ, बिंदी, चूड़ियां, खोल, कुमकुम, मेहंदी, दर्पण और इत्र जैसी चीजें भी मां पार्वती को अर्पित करना जरूरी होता है। ये सभी चीजें मां पार्वती के श्रृंगार और सम्मान के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

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पूजाघर को साफ करें, संभव हो तो गोबर का लेपन करें और गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। - फोटो : amarujala

हरियाली तीज पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजाघर को साफ करें, संभव हो तो गोबर का लेपन करें और गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें।
  • घी का दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें  निर्जला व्रत रखने का संकल्प करें (या फलाहार व्रत का)।
  • सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करें और विशेष रूप से हरे रंग की साड़ी, चूड़ियां, बिंदी आदि पहनें।
  • पूजा के लिए माता की चौकी सजाएं और उस पर मिट्टी या बालू से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा रखें।
  • यदि मिट्टी की प्रतिमा संभव न हो, तो शिव-पार्वती की फोटो या मूर्ति से भी पूजा कर सकते हैं।
  • पूजा की शुरुआत शिव-पार्वती का आवाहन करके करें।
  • शिवजी का अभिषेक गंगाजल और पंचामृत से करें।
  • माता पार्वती को श्रृंगार की वस्तुएं जैसे काजल, चूड़ी, सिंदूर, बिंदी आदि अर्पित करें।
  • बेलपत्र, धतूरा, सुपारी, अक्षत, फूल, फल, चंदन और नैवेद्य आदि अर्पित करके पूजा पूर्ण करें।
  • इसके बाद हरियाली तीज की व्रत कथा श्रद्धा से पढ़ें।
  • पूजा के अंत में शिव-पार्वती की आरती करें और प्रार्थना करें।
  • अगले दिन मिट्टी की प्रतिमा और पूजन सामग्री को बहते जल में विसर्जित कर दें।
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व्रत में अनुशासन का पालन करें और किसी भी प्रकार का गलत आचरण या विवाद से बचें। - फोटो : amarujala

हरियाली तीज नियम

  • हरियाली तीज का व्रत मुख्य रूप से निर्जला रखा जाता है।
  • यदि निर्जला व्रत करना संभव न हो, तो फलाहार व्रत (फल, दूध आदि सेवन) का संकल्प भी लिया जा सकता है।
  • इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व है, जो हरियाली और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
  • श्रृंगार में हरे रंग को जरूर शामिल करें, जैसे हरे रंग की चूड़ियां, बिंदी, हरी साड़ी या अन्य आभूषण।
  • हाथों में मेंहदी लगाना अनिवार्य माना जाता है क्योंकि इससे मां पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • व्रत के दौरान पूरे दिन शांति और भक्ति बनाए रखें और मां पार्वती की पूजा विधिपूर्वक करें।
  • व्रत में अनुशासन का पालन करें और किसी भी प्रकार का गलत आचरण या विवाद से बचें।
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हरियाली तीज का व्रत अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और खुशहाली के लिए रखा जाता है। - फोटो : Instagram

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
हरियाली तीज का धार्मिक महत्व बहुत गहरा और विशेष है। इसे अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और खुशहाली के लिए रखा जाता है। खासकर सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत करती हैं ताकि उनके पति की लंबी उम्र और परिवार में प्रेम बना रहे। भारत के कई हिस्सों में हरियाली तीज को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां पार्वती ने भी इसी तरह कठोर तपस्या और व्रत के जरिए भगवान शिव से विवाह किया था। इसलिए इस तीज को माता पार्वती और भगवान शिव के पवित्र मिलन का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज पर महिलाएं माता-पिता की पूजा करती हैं और भगवान शिव-पर्वती की आराधना कर अपने वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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