Raksha Bandhan 2024: आज भाई बहन के प्रेम के प्रतीक का पर्व रक्षाबंधन पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह त्योहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र और सफलता की कामना करती है। इस दौरान उसका भाई जीवन भर उसकी रक्षा करने का वादा करता है।
Raksha Bandhan 2024: भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन आज, जानें भद्राकाल का समय, मंत्र और पूजा के नियम
रक्षाबंधन पर है भद्रा का साया
इस वर्ष रक्षाबंधन के दिन पूर्णिमा तिथि के प्रारंभ के साथ भद्रा की शुरुआत होगी जो दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, लेकिन इसका प्रभाव दोपहर के 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दौरान रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाया जाएगा। इस कारण इस बार रक्षाबंधन दोपहर बाद मनाया जाएगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
भद्रा के कारण राखी बांधने का मुहूर्त दोपहर में नहीं है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:30 से रात्रि 09:07 तक रहेगा। कुल मिलाकर शुभ मुहूर्त 07 घंटे 37 मिनट का रहेगा।
रक्षाबंधन पर शुभ योग
सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रात: 5 बजकर 53 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक
रवि योग: प्रात: 5 बजकर 53 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक
राखी बांधने के नियम क्या हैं?
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। फिर भाइयों को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार अविवाहित पुरुष और महिलाओं को दाहिने हाथ में और विवाहित महिलाओं को बाएं हाथ में रक्षा सूत्र पहनना चाहिए। रक्षा सूत्र बांधते समय अपने सिर को रुमाल या अन्य कपड़े से ढक लें और जिन बहनों को बांध रहे हैं उनका सिर भी ढक दें। राखी बांधते समय बहनों को लाल, गुलाबी, पीले या केसरिया रंग के कपड़े पहनना बेहतर होता है। राखी बांधना हमें इस इरादे को याद रखना और उसे हासिल करने के लिए प्रयास करना सिखाता है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, रक्षा सूत्र को हाथ में पहनने से देवताओं द्वारा संरक्षित होने का एहसास होता है। इससे आपका मन शांत होगा और आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।