फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Raksha Bandhan 2024 Niyam: क्या सूतक लगने पर भी मना सकते हैं रक्षाबंधन का त्योहार? जानें यहां

Sun, 11 Aug 2024 07:05 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 11 Aug 2024 07:05 AM IST
विज्ञापन
Raksha Bandhan 2024 Know the niyam of celebrating the Rakhi in Sutak Kaal in Hindi
रक्षाबंधन पर सूतक के नियम - फोटो : amar ujala

Raksha Bandhan 2024 Sutak Niyam: रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को होता है। रक्षाबंधन त्योहार के दौरान बहन अपने भाई को राखी बांधती है और उसकी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है और बड़ा भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। अग्नि देव, माता लक्ष्मी, श्री गणेश और श्री विष्णु के प्रतीक के रूप में बड़ी बहन और छोटे भाई को अक्षत, कुमकुम चंदन और दीपक के आशीर्वाद के बिना रक्षाबंधन से सजी थाली अधूरी मानी जाती है। लेकिन इन सबके साथ, कभी-कभी ऐसा होता है कि यदि रक्षाबंधन के शुभ दिन पर कोई बच्चा पैदा होता है या किसी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे में राखी का त्योहार अशुद्ध हो जाता है और लोग त्योहार नहीं मना पाते। इस स्थिति को सूतक कहते हैं।  लेकिन ज्योतिष शास्त्र के भी अपने समाधान और नियम हैं। आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में। 

Raksha Bandhan 2024 Know the niyam of celebrating the Rakhi in Sutak Kaal in Hindi
रक्षाबंधन पर सूतक के नियम - फोटो : FreePik

क्या होता है सूतक?
जब किसी परिवार या घर में किसी बच्चे का जन्म होता है तो उस घर में सूतक लग जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार सूतक की अवधि 10 दिन होती है। ऐसे में इन 10 दिनों के दौरान परिवार का कोई भी सदस्य कोई भी शुभ कार्य नहीं कर सकता है। इसके अलावा मां को कोई भी काम करने से मना किया जाता है। 

Raksha Bandhan 2024: राखी बांधते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान, अन्यथा भाइयों को हो सकती है परेशानी

Raksha Bandhan 2024 Know the niyam of celebrating the Rakhi in Sutak Kaal in Hindi
रक्षाबंधन पर सूतक के नियम - फोटो : iStock

कितने दिन की होती है सूतक की अवधि?  
गरुड़ पुराण के अनुसार सूतक की अवधि वर्ण के हिसाब से अलग-अलग बताई गई है। उदाहरण के लिए,  ब्राह्मणों के लिए सूतक की अवधि 10 दिन, क्षत्रियों के लिए 15 दिन, वैश्यों के लिए 20 दिन और शूद्रों के लिए 30 दिन है। हालाँकि, अब बच्चे का जन्म 12 दिन का सूतक माना जाता है। 

Raksha Bandhan 2024: कब है रक्षा बंधन? जान लें क्या है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

विज्ञापन
विज्ञापन
Raksha Bandhan 2024 Know the niyam of celebrating the Rakhi in Sutak Kaal in Hindi
रक्षाबंधन पर सूतक के नियम - फोटो : iStock

सूतक काल में कैसे मनाएं राखी 
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन के 12 दिन के भीतर यदि परिवार में किसी का जन्म हो जाए तो सूतक लग जाता है। दरअसल, सूतक काल के दौरान कोई भी पूजा-पाठ या धार्मिक गतिविधियां नहीं की जाती हैं। हालांकि आप कुछ नियमों का पालन करते हैं, तो सूतक काल के दौरान राखी का त्योहार मनाया जा सकता है। 

  • यदि परिवार या घर में सूतक है तो बहनें भाई को राखी तो बांध सकती हैं लेकिन कुमकुम, चंदन का तिलक या आरती जैसे शुभ कार्य नहीं कर सकतीं। 
  • सूतक के दौरान पैर नहीं छुए जाते इसलिए राखी बांधने के बाद भाई या बहन को पैर नहीं छूने चाहिए बल्कि झुककर आशीर्वाद लेना चाहिए। 
  • जब बहनें राखी बांधते समय मंत्रों का जाप करें तो उन्हें सिर्फ इस बात का ध्यान रखना चाहिए। मंत्र का जाप जल्दी-जल्दी न करें, यह सूतक के नियमों के विरुद्ध है। 

Raksha Bandhan 2024: भाई को राखी बांधते समय जरूर पढ़ें ये मंत्र, अन्यथा नहीं होगा लाभ

विज्ञापन
Raksha Bandhan 2024 Know the niyam of celebrating the Rakhi in Sutak Kaal in Hindi
रक्षाबंधन पर सूतक के नियम - फोटो : Istock

रक्षाबंधन तिथि 
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि आरंभ:  19 अगस्त, सोमवार प्रातः 03:04  पर 
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि समाप्त: 19 अगस्त, सोमवार,रात्रि 11:55 पर 

भद्राकाल का समय
इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा सुबह 5 बजकर 53 मिनट से आरंभ हो जाएगी, जो दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 2024
पंचांग के अनुसार इस साल राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 19 अगस्त को दोपहर 01:30 से लेकर रात्रि 09:07 तक रहेगा। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed