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इन 7 कारणों से भी मनाया जाता है रक्षाबंधन का त्योहार

Mon, 07 Aug 2017 10:35 AM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 07 Aug 2017 10:35 AM IST
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Raksha Bandhan 2017: seven reason to celebrate Raksha Bandhan

रक्षाबंधन के त्योहार को आमतौर पर भाई बहनों का त्योहार माना जाता है लेक‌िन इस त्योहार को मनाने का महज यही कारण नहीं है, इसके पीछे और भी कई वजहें हैं। पहली वजह पुराणों की कथा में म‌िलती है इसके अनुसार रक्षासूत्र यानी राखी का न‌िर्माण करने वाली देवी शच‌ि हैं। यह देवराज इंद्र की पत्नी हैं। भव‌िष्य पुराण की कथा के अनुसार देवलोक पर असुरों ने अाक्रमण कर ‌द‌िया। युद्ध में असुरों का प्रभाव बढ़ता जा रहा था। ऐसे समय में देवराज इंद्र की रक्षा के ल‌िए देवी शच‌ि ने कच्चे धागे को अभ‌िमंत्र‌ित करके श्रावण पूर्ण‌िमा के द‌िन देवराज इंद्र की कलाई में बांध द‌िया। इसके बाद इंद्र ने असुरों को पराज‌ित कर द‌िया। तभी से यह त्योहार मनाने की परंपरा चली आ रही है।

Raksha Bandhan 2017: seven reason to celebrate Raksha Bandhan
lord vishnu
दूसरी कथा वामन पुराण में म‌िलती है। इस पुराण में राखी के बारे में जो कथा म‌िलती है उसके बाद से राखी भाई बहनों का त्योहार बन गया। इस पुराण में बताया गया है क‌ि भगवान व‌िष्‍णु के वामन अवतार को राजा बल‌ि अपने साथ पाताल लेकर चले गए। वामन बने भगवान व‌िष्‍णु अपने द‌िए वरदान के कारण पाताल को छोड़कर बैकुंठ नहीं जा सकते थे। ऐसे में देवी लक्ष्मी ने श्रावण महीने की पूर्ण‌िमा त‌िथ‌ि को एक बूढ़ी मह‌िला का भेष बनाया और पहुंच गयी पाताल लोक में राजा बल‌ि के पास। राजा बल‌ि ने गरीब और कमजोर बूढ़ी स्‍त्री को देखा तो उसे बहन बना ल‌िया। देवी लक्ष्मी ने राजा बल‌ि की कलाई में रेशम के धागे बांधे तो राजा बल‌ि ने उपहार मांगने के ल‌िए कहा। देवी लक्ष्मी ने झट से वामन को वरदान के बंधन से मुक्त करके बैकुंठ लौट जाने का आशीर्वाद मांग ल‌िया। इस तरह देवी लक्ष्मी ने राखी को भाई बहन का त्योहार बना द‌िया।
Raksha Bandhan 2017: seven reason to celebrate Raksha Bandhan

राखी को लेकर महाभारत में एक कथा का उल्लेख है ज‌िसमें एक साख्य भाव से रक्षा बंधन मनाने का ज‌िक्र आया है। श‌िशुपाल के वध के समय अपने ही सुदर्शन चक्र से श्री कृष्‍ण की उंगली कट गई। द्रौपदी ने जब देखा क‌ि वासुदेव श्री कृष्‍ण की उंगली में खून टपक रहा है तो उन्होंने झट से अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ा और श्री कृष्‍ण की उंगली में बांध द‌िया ज‌िससे खूब का टपकना बंद हो गया। यह घटना भी सावन महीने की पूर्ण‌िमा त‌िथ‌ि को हुआ माना जाता है।

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Raksha Bandhan 2017: seven reason to celebrate Raksha Bandhan
राखी का त्योहार मनाने का एक अन्य कारण भी महाभारत में द‌िया गया है। यह कथा है महाभारत युद्ध के समय का। कथा है क‌ि भगवान श्री कृष्‍ण ने युध‌िष्ठ‌िर से कहा क‌ि तुम्हारी रक्षा करने वाले तुम्हारे सैन‌िक हैं। इसल‌िए इनके साथ रक्षाबंधन का त्‍योहार मनाओ। श्री कृष्‍ण की सलाह पर युध‌‌िष्ठ‌िर ने अपने सैन‌िकों के संग राखी का त्योहार मनाया। यही कारण है क‌ि आज भी लोग सैन‌िकों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं।
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Raksha Bandhan 2017: seven reason to celebrate Raksha Bandhan
राखी से जुड़ी सबसे आधुन‌िक कथा मुगल शासक हुमायूं और च‌ितौड़ की रानी कर्णावती की है। गुजरात के शासक बहादुर शाह से अपने राज्य और जनता की रक्षा के ल‌िए रानी ने हुमायूं को राखी भेजा। हुमायूं ने भी राखी की लाज रखते हुए रानी कर्णावती की सहायता की। आधुन‌िक युग में राखी के महत्व को स्‍थाप‌ित करने में इस कथा ने भी बड़ी भूम‌िका न‌िभाई। वैसे रक्षाबंध्‍ान के अलावा भी इसद‌िन का बड़ा महत्‍व है।
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